सेना के अनुसार, 71 वर्गमीटर में इस मकान का निर्माण 12 सप्ताह में हुआ। इसमें गैरेज भी है। निर्माण में 3डी प्रिंटेड नींव, दीवार और स्लैब का इस्तेमाल किया गया। अहमदाबाद स्थित सेना की गोल्डन कटार डिवीजन ने इसके निर्माण की पहल की।
भारतीय सेना ने अहमदाबाद छावनी में सैनिकों के लिए अपनी पहली 3डी प्रिंटेड आवास इकाई का उद्घाटन किया। रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा, 3डी प्रिंटिंग तकनीक जटिल सॉफ्टवेयर और रोबोटिक इकाई का उपयोग करती है, जो एक डिजिटल मॉडल से कई चरणों के माध्यम से एक संरचना बनाने में मदद करती है। एक मंजिल का यह 3डी प्रिंटेड मकान आपदा-रोधी और जोन-3 भूकंप क्षेत्रों के नियमों व ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन करता है।
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सेना के अनुसार, 71 वर्गमीटर में इस मकान का निर्माण 12 सप्ताह में हुआ। इसमें गैरेज भी है। निर्माण में 3डी प्रिंटेड नींव, दीवार और स्लैब का इस्तेमाल किया गया। अहमदाबाद स्थित सेना की गोल्डन कटार डिवीजन ने इसके निर्माण की पहल की। निर्माण मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (एमईएस) की ओर से एमआईसीओबी प्रा. लि. के सहयोग से नवीनतम 3डी रैपिड कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी के जरिये किया गया है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
3डी प्रिंटेड घर सशस्त्र बलों के कर्मियों की बढ़ती आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तेजी से निर्माण प्रयासों के प्रतीक हैं। यह ढांचा आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने में भारतीय सेना की प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। यह कंप्यूटरीकृत त्रि-आयामी डिजाइन पर आधारित है। इसमें खासतौर से तैयार डिजाइन के अनुसार विशेष प्रकार के कंक्रीट से परत-दर-परत आधार पर 3डी ढांचा तैयार किया जाता है।