Operation Sindoor: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में अप्रतिम शौर्य का प्रदर्शन किया और पाकिस्तान के सभी हमलों को नाकाम कर दिया था। अब सेना की तरफ से पाकिस्तान की तरफ लॉन्च किए तुर्किये के यिहा ड्रोन की प्रदर्शनी लगाई है। जानें ये ड्रोन कितना घातक था?
भारतीय सेना ने सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए तुर्की निर्मित सशस्त्र ड्रोन 'यिहा' को फिर से जोड़कर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया। यह ड्रोन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया था। यह प्रदर्शनी विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में रखी गई, जिसकी मेजबानी सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की। विजय दिवस हर साल 16 दिसंबर को 1971 के युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की स्मृति में मनाया जाता है।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने ड्रोन का किया था इस्तेमाल
सेना के अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान ने 7 से 10 मई के बीच भारत-पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य झड़पों के दौरान बड़ी संख्या में यिहा सिंगल-यूज अटैक ड्रोन का इस्तेमाल किया था। इनका उद्देश्य भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना था। हालांकि, भारतीय सेना ने लगभग सभी ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
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पाकिस्तान ने लाहौर एयरपोर्ट से लॉन्च किए थे ड्रोन
प्रदर्शित किया गया 'यिहा' ड्रोन 10 मई को करीब 2000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसे पाकिस्तान के लाहौर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लॉन्च किया गया था और इसका लक्ष्य पंजाब के जालंधर क्षेत्र को बनाना था। ड्रोन में करीब 10 किलोग्राम विस्फोटक भरा हुआ था और यह टकराते ही धमाका करने के लिए डिजाइन किया गया था। सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने इसे समय रहते मार गिराया।
'सुसाइड ड्रोन' की श्रेणी में आता है यिहा' ड्रोन
करीब दो मीटर विंगस्पैन वाले इस ड्रोन में दो-स्ट्रोक इंजन लगा है। 'यिहा' ड्रोन को कामिकाज या 'सुसाइड ड्रोन' की श्रेणी में रखा जाता है, जो लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर मंडराते हुए सही समय पर हमला करते हैं। गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। इसके बाद चार दिन तक दोनों देशों के बीच तीव्र सैन्य झड़पें हुईं, जो 10 मई की शाम सैन्य कार्रवाई रोकने की सहमति के साथ समाप्त हुईं।