फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ED: अंडमान और निकोबार के पूर्व सांसद सहित चार आरोपियों की जमानत खारिज, बैंक में 500 करोड़ की धोखाधड़ी का केस

Mon, 15 Dec 2025 07:42 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
ED - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

'अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक' धोखाधड़ी मामले में पोर्ट ब्लेयर स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने गिरफ्तार आरोपी, कुलदीप राय शर्मा (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पूर्व सांसद और अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक (एएनएससीबीएल) के पूर्व अध्यक्ष) सहित चार लोगों की जमानत खारिज कर दी है। सहकारी बैंक में 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के इस केस में विभिन्न फर्मों और फर्जी कंपनियों के नाम पर 100 से अधिक ऋण खाते खोले गए थे। इन खातों के माध्यम से बैंक ऋणों का मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। इससे बैंक को नुकसान हुआ और धोखाधड़ी/एनपीए में शामिल राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। 

विज्ञापन


जिन दूसरे आरोपियों की जमानत खारिज की गई है, उनमें के. मुरुगन (प्रबंध निदेशक, एएनएससीबीएल), के. कलैवानन (ऋण अधिकारी, एएनएससीबीएल) और संजय लाल (कुलदीप राय शर्मा के सहयोगी) शामिल हैं। इन चारों आरोपियों ने पोर्ट ब्लेयर स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के समक्ष जमानत याचिकाएं दायर की थीं। दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई के बाद 12 दिसंबर को जमानत याचिका खारिज कर दी गई। विशेष न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं, जो अंडमान एवं निकोबार राज्य सहकारी बैंक धोखाधड़ी और संबंधित फर्जी कंपनियों से जुड़े धन शोधन में चारों आरोपियों की सक्रिय संलिप्तता दर्शाते हैं। 

न्यायालय ने अपने आदेश में पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज विभिन्न बयानों का भी हवाला दिया। कोर्ट के सामने ऐसे तथ्य पेश किए, जिनसे पता चलता है कि आरोपियों की मिलीभगत से फर्जी कंपनियां बनाई गईं। बैंक की धनराशि का धोखाधड़ी से वितरण किया गया। बड़ी रकम, कुलदीप राय शर्मा को रिश्वत के रूप में दी गई। इस मामले में जांच एजेंसी ने अचल संपत्तियां भी अधिग्रहित की हैं। न्यायालय ने यह भी पाया कि गिरफ्तार आरोपियों, कुलदीप राय शर्मा और संजय लाल ने धोखाधड़ी से संबंधित साक्ष्यों को नष्ट कर दिया। यह भी पाया कि चारों आरोपियों की गिरफ्तारी उचित थी, जिसके चलते पीएमएलए की धारा 45 के तहत सभी आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया गया।
विज्ञापन


ईडी ने उपरोक्त नामजद चार व्यक्तियों को, जिनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पूर्व सांसद और अंडमान और निकोबार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (एएनएससीबीएल) के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप राय शर्मा भी शामिल हैं, 500 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक धोखाधड़ी के मामले में पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, ईडी ने 14 नवंबर  को पोर्ट ब्लेयर स्थित विशेष न्यायालय में पीएमएलए के तहत गिरफ्तार व्यक्तियों सहित 39 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोग दायर किया है।

अंडमान एवं निकोबार पुलिस की अपराध एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा कुलदीप राय शर्मा और बैंक के कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की थी। यह मामला उपरोक्त नामित व्यक्तियों द्वारा किए गए धोखाधड़ी से संबंधित है, जो एएनएससीबीएल के अधिकारी थे। 

एएनएससीबीएल अधिकारियों ने संजय लाल एवं दूसरे लोगों के साथ मिलीभगत करके बैंक ऋण स्वीकृत कराए। इसके बाद इन लोगों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कई फर्जी कंपनियां बनाईं। आरोपियों की नियमित संस्थाओं को बड़े ऋण स्वीकृत किए। इसका एकमात्र उद्देश्य ऋण का पुनर्भुगतान न करना था। इसके चलते बैंक को नुकसान हुआ। दूसरी तरफ आरोपियों ने स्वयं लाभ अर्जित किया। अब तक एकत्रित साक्ष्यों से पता चलता है कि विभिन्न फर्मों और फर्जी कंपनियों के नाम पर 100 से अधिक ऋण खातों के माध्यम से बैंक ऋणों का मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें