Court Martial: सेना की सैन्य अदालत ने एक सैनिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे दस साल से ज्यादा की कैद की सजा सुनाई है। उसे उत्तरी सीमाओं पर सैन्य गतिविधियों के बारे में पाकिस्तानी दूतावास के एक कर्मचारी को गुप्त सूचना देते हुए पकड़ा गया था।
सेना की सैन्य अदालत ने एक सैनिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे दस साल से ज्यादा की कैद की सजा सुनाई है। उसे उत्तरी सीमाओं पर सैन्य गतिविधियों के बारे में पाकिस्तानी दूतावास के एक कर्मचारी को गुप्त सूचना देते हुए पकड़ा गया था। रक्षा अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
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रक्षा अधिकारियों के मताबिक, पाकिस्तानी जासूस को गुप्त सूचना भेजने वाले सैनिक को एक महिला अधिकारी अध्यक्षता में कोर्ट मार्शल ने दस साल और दस महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह सैनिक पाकिस्तानी उच्चायोग में काम करने वाले आबिद हुसैन उर्फ नाइक आबिद के संपर्क में था।
दुश्मन जासूसी एजेंसी को सैनिक द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की सूची में उस गठन (फॉर्मेशन) की गार्ड ड्यूटी सूची शामिल थी, जहां उसे तैनात किया गया था। सिपाही ने कोविड लॉकडाउन के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही की सूची के साथ-साथ फॉर्मेशन के वाहनों से जुड़ी जानकारी देने का भी प्रयास किया था। हालांकि, उसके पास केवल छोटी-मोटी जानकारी उपलब्ध थी।
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अधिकारियों ने बताया कि सेना इस तरह के कृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं करती है और दोषियों को कड़ी सजा दी जाती है। सैनिक को कोर्ट मार्शल द्वारा दी गई सजा की पुष्टि सक्षम वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा की जाएगी।