उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने आतंकी ढांचों को ध्वस्त कर लंबे समय से चली आ रही परमाणु संबंधी बयानबाजी का भी जवाब दिया। ऑपरेशन सिंदूर ने रणनीतिक धारणाओं को बदलने के साथ-साथ पाकिस्तान की कार्रवाइयों का माकूल जवाब देने में अहम भूमिका निभाई है।
140 आतंकी सक्रिय, 130 पाकिस्तानी...
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, पाकिस्तान ने साल 2025 में 139 बार संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन किया। सीजफायर का उल्लंघन 124 मौकों पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ। इसके अलावा पिछले साल संघर्षविराम उल्लंघन की कोई भी बड़ी घटना सामने नहीं आई। जहां तक सवाल सैनिकों की तैनाती का है, आज की तारीख में हम बिल्कुल भी पीछे नहीं हट रहे। मोर्चे पर तैनात सैनिक वापस नहीं आ रहे हैं। सेना के पास जो इनपुट है, इसके मुताबिक लगभग 140 आतंकवादी अंदरूनी इलाकों में (Hinterland) सक्रिय हैं। 10 आतंकवादी स्थानीय भी हो सकते हैं। बाकी सभी पाकिस्तानी दहशतगर्द हो सकते हैं। बता दें कि हिंटरलैंड ऐसे सुदूर और सीमावर्ती इलाकों को कहते हैं जहां प्राकृतिक संसाधन प्रचूर मात्रा में होते हैं। ऐसे इलाके आम तौर पर बड़े शहरों और बंदरगाहों से दूर होते हैं। अक्सर ऐसे इलाके ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्र होते हैं, लेकिन संसाधनों, संस्कृति और आर्थिक विकास की संभावनाओं से समृद्ध भी होते हैं।
अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा कितनी चिंताजनक?
पड़ोसी देश बांग्लादेश में अशांति, उन्माद और हिंसा से उपजी चिंता को लेकर भी बयान दिए। सेना प्रमुख ने कहा, सबसे पहले हमें समझना होगा कि बांग्लादेश में कैसी सरकार है। अगर अंतरिम सरकार है तो हमें समझना पड़ेगा कि क्या वे अगले चार-पांच साल के लिए फैसले ले रहे हैं या निर्णयों का असर महज चार-पांच महीने तक ही रहेगा। उन्होंने कहा, भारत का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की गलतफहमी को बढ़ावा न मिले।
बांग्लादेश के साथ लगातार संपर्क में है भारतीय सेना
सेना प्रमुख ने साफ किया, 'हमें तय करना होगा कि तुरंत प्रतिक्रिया देना जरूरी है या नहीं। तीनों सेनाओं ने अपने संचार चैनल पूरी तरह से खुले रखे हैं। मैं खुद भी वहां के सेना प्रमुख के साथ नियमित संपर्क में हूं। इसी तरह, दोनों देश अपने अन्य चैनलों के माध्यम से भी संपर्क में हैं। हमने वहां एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था, जिसने सभी पक्षों के अलावा नौसेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख ने भी बात की है।