भारतीय सेना के एक अधिकारी के खिलाफ नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के दौरान भ्रष्टाचार और गलत कार्य करने के 12 आरोपों में सामान्य कोर्ट मार्शल (जीसीएम) की कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है। नोटबंदी के दौरान कुछ नए नोट पेश किए गए थे और पुराने चलन से बाहर कर दिए गए थे। अधिकारी के खिलाफ जीसीएम की शुरुआत 10 जनवरी 2022 से पश्चिमी कमांड मुख्यालय में होगी, जहां नोटबंदी में भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही हैं।
नोटबंदी के दौरान दिल्ली में तैनात था आरोपी कैप्टन
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकारी सूत्रों ने बताया है कि नोटबंदी के दौरान आरोपी सेना के कैप्टन की तैनाती नई दिल्ली में आर्मी पोस्टल सर्विसेज में थी। कैप्टन के खिलाफ आरोपों के अनुसार उसने गैरकानूनी माध्यमों से कई बार उन दिनों में पुराने नोटों को नए नोटों से बदला जब ऐसे किसी लेन-देन की अनुमति नहीं थी। अधिकारी ने कथित तौर पर नई दिल्ली में सेना के केंद्रीय बेस पोस्ट ऑफिस के पास से निकाले गए करेंसी नोटों का रिकॉर्ड भी जमा नहीं किया था।
पिछले सप्ताह एक लेफ्टिनेंट कर्नल पर गिरी थी गाज
सूत्रों के अनुसार अधिकारी ने इस मामले में एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर नकली पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते हुए नोटों की निकासी के लिए 5000 से अधिक जाली फॉर्म बनाए। बता दें कि भारतीय सेना नोटबंदी के दौरान भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है। पिछले सप्ताह इसी तरह के एक मामले में एक लेफ्टिनेंट कर्नल को कोर्ट मार्शल के जरिए दोषी ठहराया गया था। बल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे का रुख भी बेहद सख्त रहा है।