शस्त्र संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा में पास हो गया। वहीं, आज इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस विधेयक में अवैध हथियार रखने वालों को उम्रकैद और विवाह समारोह में हर्ष फायरिंग करने वालों को दो साल की कैद या एक लाख रुपये के जुर्माने या फिर दोनों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कुछ नए तरह के अपराधों को भी विधेयक में शामिल किया गया है।
लोकसभा में गृह मंत्री ने कहा कि अब फोन करने पर ग्रामीण इलाकों में पुलिस को मौके पर पहुंचने में औसतन 30 मिनट और शहरी इलाकों में 10 मिनट का समय लगता है, इसलिए लोगों को हथियार रखने की जरूरत नहीं है।
हर्ष फायरिंग से यूपी में सबसे ज्यादा 191 मौतें
गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक पर चर्चा के दौरान बताया कि यह गलत धारणा है कि लाइसेंसी हथियारों से हर्ष फायरिंग में किसी की जान नहीं जाती। 2016 में उत्तर प्रदेश में 191, बिहार में 12 और झारखंड में 14 लोगों की जान लाइसेंसी हथियारों से की गई हर्ष फायरिंग में गई है।
बिल में ये भी अहम प्रावधान
एक व्यक्ति को दो हथियारों के लिए लाइसेंस लेने का अधिकार होगा। लाइसेंस की वैधता की अवधि तीन साल से बढ़ाकर पांच साल की गई है। ऑनलाइन लाइसेंस लेने की ई-लाइसेंस व्यवस्था की जाएगी।