कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सेना द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर बोलते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए इस समय सेना को विशेष वार्डों के निर्माण से लेकर सभी प्रकार की सहायता करने की आवश्यकता है।
एएनआई से बात करते हुए, सीडीएस रावत ने कहा कि समय आ गया है जब सशस्त्र बलों को कोरोना वायरस के खिलाफ इस लड़ाई में आगे बढ़ना होगा और उन्हें हर प्रकार की चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए।
सीडीएस ने कहा सुरक्षा बलों से सरकार का समर्थन करने और एकांतवास और विशेष वार्ड के बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर हर तरह की सहायता प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है। रक्षा बलों को चुनौती के लिए तैयार करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय, सेना के जवानों के लिए अपने जनादेश से परे काम करने का समय है।
जनरल रावत ने जोर देकर कहा कि कोविड-19 को रोकने के लिए सभी सरकारी एजेंसियों द्वारा समग्र समन्वित प्रयास केवल तभी सफल होंगे जब लोग उन निर्देशों का पालन करेंगे जो समय-समय पर सरकार द्वारा दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों ने पहले ही सभी रैंकों और परिवारों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे उन (सरकार के) निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
सीडीएस, जो सैन्य मामलों के विभाग के सचिव भी हैं, कैबिनेट सचिव और अन्य शीर्ष सरकारी अधिकारियों के साथ बैठकों में भाग लेते रहे हैं। वह तीनों रक्षा बलों के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि लोगों को विदेश से बाहर निकाला जा सके।
गौरतलब हो कि इटली, ईरान, चीन और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से वापस लाए गए लगभग 1500 लोगों को गुरुग्राम, जैसलमेर, मुंबई और हिंडन जैसे स्थानों पर सेनाओं द्वारा रखा गया है।
सेना का मुख्यालयय बंद, कल से 5-10 फीसदी कर्मचारी काम करेंगे
वहीं, सेना के सूत्रों ने कहा है कि सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के मद्देनजर आज सेना मुख्यालय बंद है। कल से परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केवल 5-10 फीसदी आवश्यक कर्मचारी काम करेंगे।