बीते माह ही केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक समिति ने छत्तीसगढ़ में राजस्थान की परसा ईस्ट एंड कांते बेसिन कोयला खनन के दूसरे चरण को पर्यावरण मंजूरी दी थी। लेकिन गहलोत के युवा कांग्रेस साथी भूपेश बघेल ने जरूरी स्वीकृतियां अटका रखी है।
राजस्थान ने परसा ईस्ट एंड कांते बेसिन (पीईकेबी) ब्लॉक में अगले चरण के कोयला खनन के लिए छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल से मंजूरी दिलाने को लेकर अब केंद्र से गुहार लगाई है। इससे पहले, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने बघेल को मनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी पत्र लिखा था पर कोई हल नहीं निकला। इसके बाद केंद्र सरकार से संपर्क साधा गया है।
विज्ञापन
बीते माह ही केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक समिति ने छत्तीसगढ़ में राजस्थान की परसा ईस्ट एंड कांते बेसिन कोयला खनन के दूसरे चरण को पर्यावरण मंजूरी दी थी। लेकिन गहलोत के युवा कांग्रेस साथी भूपेश बघेल ने जरूरी स्वीकृतियां अटका रखी है।
यह है मामला
घरेलू कोयले में कमी और आयातित कोयले की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर राजस्थान छत्तीसगढ़ में आवंटित तीन ब्लॉकों से अपने बिजली उत्पादन के लिए लंबे समय तक का ईंधन जुटाना चाहता है।
विज्ञापन
राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने लिखा था पत्र
सूत्रों ने बताया, राजस्थान में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल ने 31 दिसंबर को जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव आरपी गुप्ता को छत्तीसगढ़ सरकार से पीईकेबी ब्लॉक के विस्तार के लिए जमीन आवंटन और जरूरी मंजूरियां दिलाने को पत्र लिखा है। इसमें राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की थर्मल इकाइयों से सहज बिजली उत्पादन के लिए पीईकेबी ब्लॉक में 1136 हेक्टेयर जमीन मिलना जरूरी है।