डीओपीटी द्वारा आदेशों के तहत, इस बार 'एपीएआर' की प्रक्रिया में कई बदलाव किए जा रहे हैं। इन्हें 'वन टाइम छूट' का नाम दिया गया है। किसी भी सूरत में 31 दिसंबर 2021 के बाद इस प्रक्रिया को लेकर कोई सुनवाई नहीं होगी। मतलब, यह प्रक्रिया उक्त अवधि तक पूरी करनी पड़ेगी। एपीएआर की रिपोर्टिंग के दौरान अगर किसी कार्मिक का कमेंट रिकॉर्ड नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी ओवरऑल रिकॉर्ड एवं खुद के मूल्यांकन के द्वारा एपीएआर प्रक्रिया को अंतिम रूप दे सकता है। यह केवल उन कार्मिकों के लिए रहेगा, जिन्होंने समय पर अपनी रिपोर्ट जमा करा दी है। कार्मिकों को 31 मई तक खाली फार्म मुहैया कराया जाएगा।
डीओपीटी ने यह प्रावधान किया है कि सभी कार्मिक 30 जून तक स्व-मूल्यांकन फार्म भरकर उसे रिपोर्टिंग अफसर के पास जमा करा देंगे। रिपोर्टिंग अधिकारी उस फार्म को समीक्षा करने वाले अफसर के पास 31 जुलाई तक भेज देगा। समीक्षा अधिकारी अपने कमेंट्स लिखकर उस रिपोर्ट को विभाग की एपीएआर सेल और स्वीकार्य प्राधिकरण के पास जमा कराएगा। यहां पर अंतिम तिथि 31 अगस्त 2021 तय की गई है। स्वीकार्य अथॉरिटी को 30 सितंबर तक मूल्यांकन करना होगा। यदि कहीं पर स्वीकार्य अथॉरिटी नहीं है तो वहां 10 सितंबर तक एपीएआर का प्रकटीकरण करना पड़ेगा। वहां पर स्वीकार्य अथॉरिटी है तो 10 अक्तूबर तक रिपोर्ट का प्रकटीकरण हो सकेगा। इसी तरह कुछ अन्य प्रक्रियाओं से गुजरते हुए एपीएआर की फाइनल प्रक्रिया 31 दिसंबर 2021 तक पूरी की जाएगी।