आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री टी वनिता ने हाल ही में दुष्कर्म के एक मामले के बारे में अपने बयान के लिए विपक्ष के निशाने पर हैं। दुष्कर्म को लेकर उन्होंने बयान दिया था कि कुछ घटनाएं अनजाने में होती हैं। वहीं, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को दावा किया कि इस तरह के यौन उत्पीड़न के मामलों में शामिल लोग केवल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के हैं।
गर्भवती महिला से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था
मंदिरों के शहर तिरुपति में एक जनसभा में मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी राज्य के गृह मंत्री द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणियों की पृष्ठभूमि में आई है। रेपल्ले रेलवे स्टेशन पर तीन लोगों ने एक गर्भवती महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस घटना के बाद गृह मंत्री ने दावा किया कि आरोपियों का पीड़ित महिला के पति से पैसे लूटने के अलावा और कोई इरादा नहीं था।
गृह मंत्री ने कहा कि वे (आरोपी) नशे में थे और जब वे उसके पति की पिटाई कर रहे थे, तो महिला ने उसे बचाने की कोशिश की। इस दौरान तीन हमलावरों ने उसे धक्का दिया और बांध दिया और फिर दुष्कर्म हुआ।
पिछले हफ्ते भी दिया था गैर-जिम्मेदाराना बयान
पिछले हफ्ते इसी मंत्री ने माताओं पर अपने बच्चों की परवरिश सही तरीके से नहीं करने का आरोप लगाया था। गृह मंत्री ने कहा था कि माताओं ने अपनी जिम्मेदारी को ठीक से पूरा किए बिना पुलिस या सरकार सहित किसी को भी इस तरह के कृत्यों (यौन उत्पीड़न) के लिए दोष देना सही नहीं है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सामूहिक बलात्कार की दो बड़ी घटनाओं के बाद मंत्री वनिता की इन टिप्पणियों के बाद विपक्षी दलों ने उन्हें निशाने पर लिया और इस तरह के बयान देने के लिए फटकार लगाई।
भाजपा के राज्य महासचिव एस विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा कि एक महिला गृह मंत्री होने के नाते आप इस तरह की लापरवाह टिप्पणी कैसे कर सकती हैं? कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार की प्रतिक्रिया चौंकाने वाली है। टीडीपी महिला विंग की चेयरपर्सन वी अनीता ने सवाल किया कि अगर बच्चे के आचरण के लिए मां जिम्मेदार हैं, तो क्या वाई एस विजयम्मा (सीएम की मां) जगन के 16 महीने जेल में रहने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।