सिंगापुर और हांगकांग में भारतीय मसालों पर प्रतिबंध को लेकर कई बार केंद्र सरकार द्वारा स्थिति साफ करने के बाद एक बार फिर राज्यसभा में सरकार ने इस बारे में जवाब दिया है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि इन देशों ने भारतीय मसालों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक लिखित उत्तर देते हुए कहा कि भारत से निर्यात किए गए कुछ मसाला मिश्रणों के विशिष्ट बैचों को स्वीकार्य सीमा से अधिक एथिलीन ऑक्साइड (ईटीओ) की उपस्थिति के कारण हांगकांग और सिंगापुर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा वापस ले लिया गया था।
उन्होंने कहा कि अपने आयात निगरानी के हिस्से के रूप में, सिंगापुर खाद्य एजेंसी ने संबंधित ब्रांडों के मसालों की खेप को एक महीने की अवधि के लिए होल्ड-एंड-टेस्ट व्यवस्था के तहत रखा। उन्होंने यह भी कहा कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत मसाला बोर्ड ने आयातक देश की अलग-अलग ईटीओ सीमाओं को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें निर्यात किए जाने वाले मसालों का अनिवार्य प्री-शिपमेंट परीक्षण और कच्चे माल की खरीद, पैकिंग, भंडारण और परिवहन के लिए निर्यातकों द्वारा पालन किए जाने वाले व्यापक दिशानिर्देश जारी करना शामिल है।
अनुप्रिया पटेल ने यह भी बताया कि इसके अलावा, एफएसएसएआई ने 2011, 2016, 2018, 2020, 2022 और 2023 में दूध और दूध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी की है। उन्होंने कहा कि 2018, 2020 और 2022 में की गई जांच की दूध निगरानी की रिपोर्ट www.fssai.gov.in/cms/national-surveys.php पर सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। साथ ही एफएसएसएआई ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दूध और दूध उत्पादों की स्क्रीनिंग और तेजी से परीक्षण के लिए 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' तैनात करने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि इसने 2022 में मसालों पर अखिल भारतीय निगरानी की है।