अब निर्यात किए जाने वाले पशुधन पर रोगाणुरोधी दवाओं (antimicrobial medicinal) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने पशुधन को बढ़ावा देने के लिए प्रयोग की जाने वाली 18 एंटीबायोटिक्स, 18 एंटीवायरल और एक एंटीप्रोटोजोअल समेत 37 दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। वाणिज्य विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि दूध और दूध उत्पादों, शहद, पशुओं की आंत और खाल, अंडे व अंडा उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़े आदेश में संशोधन किया गया है।
15 जुलाई को जारी अलग-अलग आदेशों में वाणिज्य विभाग ने कहा कि मुर्गी पालन में बढ़ाने के लिए किसी भी रोगाणुरोधी औषधीय उत्पाद का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे औषधीय उत्पादों का उपयोग मधुमक्खियों, दुधारू पशुओं, अंडा देने वाले पक्षियों, मवेशियों, बकरी, भैंस, भेड़ और सूअरों के उपवार के लिए भी नहीं किया जाएगा। इन दवाओं का उपयोग पोल्ट्री फार्म और उन सभी जगहों पर प्रतिबंधित होगा, जहां से इनको खरीदा जाता है।
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