एंटीलिया बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में सचिन वाजे को लेकर गंभीर आरोप लगाए। एनआईए ने कहा कि वाजे ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर 'एंटीलिया' के बाहर विस्फोटक से भरी एसयूवी इसलिए खड़ी कराई, ताकि वह खुद को मामले का खुलासा करने वाले सुपर कॉप के तौर पर पेश कर सके। एनआईए की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ के सामने एजेंसी का पक्ष रखा।
'नाम बचाने के लिए रची साजिश'
एनआईए ने अदालत में कहा कि वाजे का उद्देश्य अपनी छवि सुधारना था। एजेंसी के मुताबिक, वह चाहता था कि एंटीलिया के बाहर विस्फोटक वाली कार मिलने के बाद जांच उसके हाथ में आए और फिर वह खुद इस मामले को सुलझाकर एक सुपर कॉप के रूप में सामने आए। एनआईए ने यह भी दावा किया कि इस पूरी साजिश का उद्देश्य केवल अंबानी परिवार के मन में ही नहीं, बल्कि समाज में भी डर पैदा करना था।
मनसुख हिरेन की हत्या का भी आरोप
जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि जिस एसयूवी को एंटीलिया के बाहर खड़ा किया गया था, वह पहले कारोबारी मनसुख हिरेन के कब्जे में थी। एनआईए के मुताबिक, वाजे को डर था कि हिरेन उसकी साजिश की जानकारी सामने ला सकते हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि इसी वजह से उसने हिरेन की हत्या कर दी। हिरेन का शव 5 मार्च 2021 को ठाणे की एक खाड़ी में मिला था।
वाजे को मिली जमानत पर रोक जारी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह विशेष अदालत की ओर से वाजे को दी गई जमानत पर लगाई गई अंतरिम रोक को बुधवार को आगे बढ़ा दिया। हाईकोर्ट इस मामले पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रखेगा। एनआईए ने विशेष अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 29 सितंबर को वाजे को जमानत दी गई थी। एजेंसी ने हाईकोर्ट से इस आदेश को रद्द करने की मांग की है।
विशेष अदालत ने NIA की जांच पर उठाए थे सवाल
विशेष अदालत ने जमानत देते समय एनआईए की जांच को लेकर कई सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा था कि एजेंसी ने अब तक मुकेश अंबानी के परिवार के किसी सदस्य का बयान दर्ज नहीं किया है, जिससे यह साबित हो सके कि एंटीलिया के बाहर विस्फोटक वाली एसयूवी खड़ी किए जाने से परिवार में आतंक पैदा हुआ था। अदालत ने यह भी कहा था कि एनआईए प्रथम दृष्टया वाजे के खिलाफ कड़े यूएपीए के तहत आतंकवाद का मामला स्थापित करने में सफल नहीं रही।
इसके बाद एनआईए ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल करते हुए विशेष अदालत के आदेश को गलत बताया। एजेंसी का कहना है कि वाजे पर आतंक पैदा करने की साजिश और हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं।
2021 में सामने आया था एंटीलिया मामला
25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई स्थित 'एंटीलिया' के पास एक एसयूवी मिली थी, जिसमें विस्फोटक रखे होने की बात सामने आई थी। यह एसयूवी पहले मनसुख हिरेन के पास थी और कथित तौर पर चोरी होने के बाद एंटीलिया के बाहर मिली। एनआईए ने इस मामले और हिरेन की मौत को जोड़कर जांच की। सचिन वाजे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वाजे ठाणे सेंट्रल जेल में बंद है।