एक दिन पहले ही यानी सोमवार को मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दे दी गई थी। लोगों के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की सुरक्षा करने के लिए लाए जा रहे इस विधेयक के तहत जबरदस्ती, धोखेबाजी से, लालच देकर या जबरन विवाह के माध्यम से धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए प्रावधान किए जाएंगे।विपक्षी दल और ईसाई समुदाय के नेता राज्य की भाजपा सरकार के इस इस प्रस्तावित विधेयक का विरोध करते आ रहे हैं।
आर्कबिशप बोले, हमारे भरोसे पर उठा रहे सवाल
बेंगलुरु के आर्कबिशप पीटर मचाडो ने कहा कि इस बिल से वे (सरकार) हमें बहुत आहत कर रहे हैं। वे हमारे भरोसे पर सवाल उठा रहे हैं, हमारी अच्छी सेवाओं पर सवाल उठा रहे हैं जो हम कर रहे हैं। जब से इस विधेयक की घोषणा की गई है तब से हमलों का स्तर भी बढ़ गया है।