बीते नवंबर में मेघालय के गर्वनर रहे वी षणमुगनाथन ने एक महिला को नौकरी के लिए अपने कार्यालय में बुलाया था। महिला के अनुसार राज्यपाल का यह नियंत्रण उसके लिए एक दुस्वप्न सरीखा रहा।
न्यूज चैनल एनडीटीवी को भेजे खत में महिला ने आरोप लगाया कि, "जब मैं वहां पहुंची उन्होंने मेरे निजी जीवन को लेकर मुझसे सवाल पूछे ....इसके बाद उन्होनें मुझे जबरन पकड़ा और चूमने लगे।"
महिला की शिकायत के साथ शिलांग स्थित राजभवन के 98 कर्मचारियों ने अत्प्रत्याशित कदम उठाते हुए राज्यपाल के खिलाफ सीधे प्रधानमंत्री को खत लिखा है। खत में उन्होंने आरोप लगाया है कि षणमुगनाथन ने राजभवन की शुचिता के साथ समझौता करते हुए इसे लेडीज क्लब में तब्दील कर दिया। यहां कुछ दिनों के लिए केवल महिलाओं को ही नियुक्ति दी गई।
यह खत मिलने के बाद बीते सप्ताह केंद्र की ओर से षणमुगनाथन को जवाब देने के लिए कहा गया। हालांकि यह मामला उस समय अचानक सुर्खियों में आ गया जब मीडिया में इसकी खबरें तेजी से उछलने लगीं।