केरल में मंगलवार को मंकीपॉक्स के पांचवें मामले की पुष्टि हुई। इसके बाद देश में कुल मामलों की संख्या सात हो गई है। 30 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति पिछले महीने 27, जुलाई को संयुक्त अरब अमीरात से लौटा था। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि संक्रमित का मलप्पुरम जिले के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसका स्वास्थ्य स्थिर है। उसके माता-पिता सहित संपर्क में आए अन्य लोगों की भी निगरानी की जा रही है। मंत्री ने कहा कि फिलहाल पहले संक्रमित हुए मरीज को छुट्टी दे दी गई और अन्य की हालत स्थिर है।
शनिवार को भारत में मंकीपॉक्स से पहली मौत हुई थी
दरअसल, शनिवार को केरल के त्रिशूर में एक 22 साल के व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक में मंकीपॉक्स के लक्षण पाए गए थे और वह हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा कर भारत लौटा था। युवक की रिपोर्ट संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में ही मंकीपॉक्स पॉजिटिव आई थी। हालांकि केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि युवक की मौत के कारणों की जांच की जाएगी। उसके नमूनों की रिपोर्ट अब तक आई नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीज नौजवान था और उसमें बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी कोई दूसरी दिक्कत नहीं थी।
ये हैं मंकीपॉक्स के लक्षण
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मंकीपॉक्स के लक्षण 6 से 13 दिन के अंदर दिखाई देने लगते हैं। हालांकि कई बार 5 से 21 दिन का समय भी ले सकता है। संक्रमित होने पर अगले 5 दिन के अंदर बुखार, सिरदर्द, थकान और पीठ में दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं। बुखार होने के तीन दिन के अंदर त्वचा पर दाने आने लगते हैं। मंकीपॉक्स भले कोरोना जैसे फैल रहा है लेकिन ये कोविड जितना घातक नहीं है। मंकीपॉक्स के लक्षण नजर आएं तो घबराएं नहीं। लक्षणों से मंकीपॉक्स की स्थिति को समझते हुए इलाज कराएं।