पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मेरे घर से जब्त किया गया पैसा मेरा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा मेरी गौरमौजूदगी में वहां रखा गया था। दरअसल, कुछ दिन पहले अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से करीब 50 करोड़ से ज्यादा रुपये बरामद हुए थे। इससे पहले पार्थ चटर्जी भी दावा कर चुके हैं कि पैसा उनका नहीं है। चटर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि वह ‘‘साजिश का शिकार’’ हुए हैं।
अर्पिता के आठ खाते हो चुके हैं फ्रीज
बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय को अर्पिता मुखर्जी के आठ बैंक खातों से आठ करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है। ईडी इन आठ खातों को पहले ही फ्रीज कर चुका है। ईडी अधिकारी अब इन खातों के जरिये हुए लेन-देन का पता लगा रहे हैं। ईडी (ED) उन स्रोतों का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी राशि किन खातों से इनके पास आई और कहां-कहां भेजी गई। जरूरत पड़ी तो एजेंसी खातों का फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) भी करवा सकती है। माना जा रहा है कि फिलहाल ईडी के पास पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) और अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) से जानकारी निकलवाने के लिए तीन दिन ही बचे हैं, क्योंकि रिमांड की अवधि तीन ही शेष है।