भारत-बांग्लादेश सीमा से सटीं सीमा चौकियां
- फोटो : Amar Ujala
केंद्रीय गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2020-21 में दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत बांग्लादेश सीमा पर 1069 बीओपी से निगरानी हो रही है। भारत बांग्लादेश सीमा की कुल लंबाई 4096.7 किलोमीटर है। यह सीमा रेखा पश्चिम बंगाल के साथ 2216.7 किलोमीटर, असम की सीमा से 263 किलोमीटर, मेघालय की सीमा से 443 किलोमीटर, त्रिपुरा की सीमा से 856 किलोमीटर और मिजोरम के साथ 318 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा गुजरती है। बांग्लादेश और पाकिस्तान से लगती सीमा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 422 कंपोजिट बीओपी के निर्माण को स्वीकृति दी थी। इसके लिए 2584.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर नई डिजाइन की बाड़
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पाकिस्तान से लगती 3323 किलोमीटर की लंबी सीमा रेखा के साथ गुजरात, राजस्थान, पंजाब, केंद्रशासित प्रदेश जेएंडके और केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख की सीमा लगती है। यहां पर कुल 720 बीओपी स्वीकृत की गई थी। इनमें 662 बीओपी का निर्माण हो चुका है। लगभग तीन दर्जन बीओपी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। पाकिस्तान से लगती सीमा के 2091.046 किलोमीटर लंबे हिस्से पर फेंसिंग लगाई गई है। अक्तूबर 2022 तक 26.38 किलोमीटर लंबे हिस्से पर फेंसिंग लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। भारत-बांग्लादेश सीमा के 3112.18 किलोमीटर हिस्से पर फेंसिंग लगा दी गई है। लगभग 984.52 किलोमीटर सीमा की चौकसी शारीरिक तौर पर की जा रही है। यह वो इलाका है, जहां पर पहाड़, घना जंगल या नदी होने के कारण फेंसिंग लगाना संभव नहीं है। जहां पर फेंसिंग नहीं लग सकी है, वहां तकनीकी संसाधनों के जरिए चौकसी की जा रही है।