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Ankita Murder Case: क्या बुलडोजर से दफन किए गए राज? अंकिता की हत्या से जुड़े वो सवाल जिनके जवाब मिलना बाकी

Wed, 28 Sep 2022 08:04 PM IST
जयदेव सिंह स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ankita Murder Case:  परिवार ने आरोप लगाया है कि अंकिता के जिस कमरे में कई सुबूत थे उसे ही ढहा दिया गया। पुलिस अब तक इस सवाल का जवाब नहीं दे पाई है कि अंकिता का कमरा ही क्यों तुड़वाया गया? आइये जानते हैं अंकिता हत्याकांड से जुड़े ऐसे ही सवालों को जिनके जवाब नहीं मिले हैं...
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अंकिता भंडारी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के पौड़ी में हुए अंकिता हत्याकांड में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। मुख्य आरोपी पुलकित समेत तीन लोगों की मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलकित के रिजॉर्ट में क्या-क्या होता था, वह सब एक-एक कर सामने आ रहा है। यहां काम कर चुके कर्मचारी दंपती ने भी इस रिजॉर्ट के कई राज खोले हैं। दंपती का कहना है कि रिजॉर्ट में जिस्मफरोशी से लेकर चरस, गांजे और शराब की पार्टियां होती थीं। हर तरह का नशा वहां पर मिलता था। 

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लगातार हो रहे खुलासों के बीच पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं। 18 सितंबर को अंकिता लापता हुई। 21 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 24 सितंबर को उसका शव मिला। 
अंकिता का शव मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही। उन्होंने ये भी कहा था कि आरोपी पुलकित का रिजॉर्ट सरकारी वन भूमि पर है, उस पर बुलडोजर चलाया जाएगा। बुलडोजर वाली यह कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। खुद परिवार ने आरोप लगाया है कि अंकिता के जिस कमरे में कई सुबूत थे उसे ही ढहा दिया गया। पुलिस अब तक इस सवाल का जवाब नहीं दे पाई है कि अंकिता का कमरा ही क्यों तुड़वाया गया? आइये जानते हैं अंकिता हत्याकांड से जुड़े ऐसे ही सवालों को जिनके जवाब नहीं मिले हैं...

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बुलडोजर किसने चलवाया ये अब तक साफ नहीं हुआ?

खुद मुख्यमंत्री जिस बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र अपने बयान में करते हैं वो किसके आदेश पर हुई इस पर पर्दा पड़ा हुआ है। कार्रवाई के वक्त जो विधायक और सरकार इसका श्रेय ले रहे थे, सवाल खड़े होने पर सब ने इससे पल्ला झाड़ लिया। अब पौड़ी के जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे कह रहे हैं कि इसका पता लगाया जा रहा है कि किसके आदेश पर रिजॉर्ट ढहाया गया। बड़ा सवाल ये भी है कि क्राइम सीन को ढहाने का आदेश कैसे दिया जा सकता है?  

कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि रिसार्ट पर बुलडोजर चलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। कांग्रेस अंकिता की रिजॉर्ट में हत्या का अंदेशा जता रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी आरोप लगाया कि अंकिता का शव खोजने में देरी की गई। जिस रिजॉर्ट से कई सबूत जुटाए जा सकते थे वहां बुलडोजर तुरंत चलवा दिया गया।  

अंकिता भंडारी की मां - फोटो : अमर उजाला

आधी रात को बुलडोजर, अंकिता का ही कमरा निशाना क्यों?

आरोपी पुलकित के रिजॉर्ट पर आधी रात को बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे। सवाल उठा कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि आधी रात को ये कार्रवाई की गई। यह आरोपितों के खिलाफ गुस्सा था या फिर कुछ और...? इन सब के बीच इस बुलडोजर कार्रवाई पर अंकिता के परिवार ने ही सवाल खड़े कर दिए। परिवार का कहना है कि रिजॉर्ट में बुलडोजर से तोड़फोड़ और आगजनी सिर्फ अंकिता के कमरे की गई। यहां तक की कमरे के पर्दे तक आग के हवाले कर दिए गए। कमरे में रखे सामान तक तोड़ दिए गए। सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिए गए। जिस कमरे से पुलिस को कई अहम सबूत मिल सकते थे उसे ही क्यों ध्वस्त कर दिया गया इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है?

पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर क्यों नहीं लिया?

पुलिस ने इस मामले में पूर्व राज्यमंत्री के बेटे और मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए मजिस्ट्रेट से रिमांड की मांग तक नहीं की। मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद तीनों आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पौड़ी जेल भेज दिए गए। कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भी पुलिस के इस रुख पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों की पुलिस हिरासत के लिए अर्जी लगा सकती है।   

पुलकित और अंकिता का फोन कहां हैं?
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और अंकिता का फोन अब तक पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। आरोपी पुलकित का कहना है कि उसने हत्या की रात अंकिता का मोबाइल चीला नहर में फेंक दिया था। दूसरी ओर कई टीवी चैनल अंकिता के दोस्त बताए जा रहे एक शख्स और पुलकित के बीच हुई बातचीत का ऑडियो चला रहे हैं। ये ऑडियो अंकिता के गुम होने के अगले दिन का बताया जा रहा है। अंकिता का शव तो मिल गया, मगर उसके मोबाइल को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है।  

पटवारी ने घटना क्यों छुपाई?
अंकिता के पिता का कह चुके हैं कि अगर राजस्व पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से लेती तो शायद उनकी बेटी जिंदा होती। अंकिता के परिवार ने 19 सितंबर को ही पटवारी वैभव प्रताप सिंह को इसकी सूचना दी थी। उसने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। वैभव ने उसी दिन दूसरे पटवारी विवेक कुमार को चार्ज दिया और खुद तीन दिन की छुट्टी पर चला गया। इसके साथ ही उसने अपना फोन भी बंद कर लिया। इससे सवाल खड़ा हो रहा है कि यह केवल संयोग था या किसी साजिश का हिस्सा। इस पूरे घटनाक्रम को पटवारी वैभव और पुलकित के बीच गहरी दोस्ती से जोड़कर देखा जा रहा है। 
जानकारी के मुताबिक पटवारी वैभव और पुलकित की दोस्ती इतनी गहरी थी कि वह रिजॉर्ट से आने वाली हर शिकायत को पचा जाता था। रिजॉर्ट की पूर्व कर्मचारी दंपती इशिता-विवेक ने भी पटवारी वैभव से रिजॉर्ट में होने वाले कामों और मारपीट की शिकायत की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 
 

अंकिता भंडारी का हुआ एम्स में हुआ पोस्टमार्टम - फोटो : अमर उजाला
अब तक क्यों नहीं हुई पटवारी से पूछताछ?
पटवारी वैभव जहां शिकायत मिलने के बाद तीन दिन की छुट्टी पर चला गया। वहीं, उससे चार्ज लेने वाले पटवारी विवेक कुमार ने भी रिपोर्ट लिखने में आनाकानी की। डेढ़ घंटे तक अंकिता के पिता को बैठाकर रखा। इसके बाद उनकी तहरीर ली गई। बाद में उन्हें पता चला कि रिजॉर्ट संचालक ने पहले ही अंकिता की गुमशुदगी की शिकायत दे दी थी। 
ऐसे में माना जा रहा है कि पुलकित के हर काम का राजदार वैभव जांच से बचने के लिए छुट्टी पर चला गया। रिजॉर्ट कर्मियों के मुताबिक वैभव अक्सर वहां आता था। वह रिजॉर्ट में कई VIP पार्टियों में शामिल रहा था। पुलकित के कहने पर लोगों को धमकाता था। आरोप है कि राजस्व पुलिस चार दिन तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इन सबके बाद भी अब तक पटवारी से पूछताछ नहीं हुई है। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि एसआईटी जल्द ही पटवारी से पूछताछ कर सकती है। 
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अंकिता भंडारी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
रिजॉर्ट का VIP मेहमान कौन था जिसे अंकिता को स्पेशल सर्विस देनी थी?
रिजॉर्ट के पास में बने वीआइपी गेस्ट हाउस कौन से VIP मेहमान ठहरते थे? अंकिता और उसके दोस्त पुष्प की चैट में भी किसी VIP के आने का जिक्र है। अंकिता को इस VIP को स्पेशल सर्विस देने के लिए कहा गया था। इसी से अंकिता नाराज हुई थी और रिजॉर्ट का राजफाश करने पर तुल गई थी। इस रिजॉर्ट में वह VIP आया था या नहीं यह भी राज बना हुआ है।  डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। VIP के बारे में भी पुलिस पड़ताल कर रही है। 
18 सितंबर को पुलकित जब अंकिता के कमरे में था, उससे पहले पूरे स्टाफ को ऊपरी मंजिल पर भेज दिया गया था। अंकिता की चीख-पुकार सुनकर भी स्टाफ को उसकी मदद के लिए नीचे क्यों नहीं आने दिया गया। यह सवाल भी अनुत्तरित है।
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