बुलडोजर किसने चलवाया ये अब तक साफ नहीं हुआ?
खुद मुख्यमंत्री जिस बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र अपने बयान में करते हैं वो किसके आदेश पर हुई इस पर पर्दा पड़ा हुआ है। कार्रवाई के वक्त जो विधायक और सरकार इसका श्रेय ले रहे थे, सवाल खड़े होने पर सब ने इससे पल्ला झाड़ लिया। अब पौड़ी के जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे कह रहे हैं कि इसका पता लगाया जा रहा है कि किसके आदेश पर रिजॉर्ट ढहाया गया। बड़ा सवाल ये भी है कि क्राइम सीन को ढहाने का आदेश कैसे दिया जा सकता है?
कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि रिसार्ट पर बुलडोजर चलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। कांग्रेस अंकिता की रिजॉर्ट में हत्या का अंदेशा जता रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी आरोप लगाया कि अंकिता का शव खोजने में देरी की गई। जिस रिजॉर्ट से कई सबूत जुटाए जा सकते थे वहां बुलडोजर तुरंत चलवा दिया गया।
आधी रात को बुलडोजर, अंकिता का ही कमरा निशाना क्यों?
आरोपी पुलकित के रिजॉर्ट पर आधी रात को बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे। सवाल उठा कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि आधी रात को ये कार्रवाई की गई। यह आरोपितों के खिलाफ गुस्सा था या फिर कुछ और...? इन सब के बीच इस बुलडोजर कार्रवाई पर अंकिता के परिवार ने ही सवाल खड़े कर दिए। परिवार का कहना है कि रिजॉर्ट में बुलडोजर से तोड़फोड़ और आगजनी सिर्फ अंकिता के कमरे की गई। यहां तक की कमरे के पर्दे तक आग के हवाले कर दिए गए। कमरे में रखे सामान तक तोड़ दिए गए। सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिए गए। जिस कमरे से पुलिस को कई अहम सबूत मिल सकते थे उसे ही क्यों ध्वस्त कर दिया गया इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है?
पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर क्यों नहीं लिया?
पुलिस ने इस मामले में पूर्व राज्यमंत्री के बेटे और मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए मजिस्ट्रेट से रिमांड की मांग तक नहीं की। मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद तीनों आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पौड़ी जेल भेज दिए गए। कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भी पुलिस के इस रुख पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों की पुलिस हिरासत के लिए अर्जी लगा सकती है।
अंकिता भंडारी का हुआ एम्स में हुआ पोस्टमार्टम
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अंकिता भंडारी हत्याकांड
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