वाईएसआर कांग्रेस सांसद के. रघु रामकृष्ण राजू
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आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के बागी सांसद के. रघु रामकृष्ण राजू को राजद्रोह सहित विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। आंध्र प्रदेश पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने बताया कि राजू पर आरोप है कि वह नफरत फैलाने वाले भाषणों से समुदायों में द्वेष फैलाने और सरकार के खिलाफ असंतोष को बढ़ावा देने के कृत्य में शामिल हैं।
अमरावती में जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, 'सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक पीवी सुनील कुमार के आदेश पर प्राथमिक जांच की गई। जांच में पाया गया कि राजू नियमित रूप से अपने भाषणों के जरिए व्यवस्थागत और योजनाबद्ध तरीके से समुदायों के बीच तनाव पैदा करने में शामिल हैं। वे सरकार की विभिन्न हस्तियों पर हमला कर रहे हैं ताकि लोगों का सरकार के प्रति विश्वास खत्म हो जाए।
सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक के आदेश पर सांसद राजू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-124 ए (राजद्रोह), 153ए (समुदायों में द्वेष उत्पन्न करना, 505 (बयान से तनाव पैदा करना), 120बी (साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सीएम जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ कर रहे थे बगावत
गौरतलब है कि नरसापुरम लोकसभा सीट से सांसद राजू ने करीब एक साल पहले वाईएसआर कांग्रेस से बगावत कर दी थी और कई महीनों से मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की सरकार के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। वे गत कुछ दिनों से कोविड-19 संकट के कुप्रबंधन को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना कर रहे थे।
सीआरपीएफ ने गिरफ्तारी से रोका
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर बागी सांसद की सुरक्षा केंद्रीय रिजर्व बल (सीआरपीएफ) कर रहा है। आरोप है कि केंद्रीय बल ने सीआईडी के अधिकारियों को राजू को हिरासत में लेने से रोका। हालांकि बाद में मामला केंद्रीय बल के शीर्ष अधिकारियों तक मामला पहुंचा और सीआईडी को कार्रवाई करने की अनुमति मिली।
बिना वारंट मेरे पिता को धक्का देकर ले गए: भरत
राजू के बेटे भरत ने आरोप लगाया, सीआईडी के करीब 30 लोग हमारे घर आए और बिना वारंट के मेरे पिता को जबरन लेकर गए। यहां तक कि उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों को भी धक्का दिया। उन्होंने कोई नोटिस नहीं दिया था।