कोरोना के चलते लगभग संसद की लगभग सभी संसदीय समितियों की बैठकें भी बीते कुछ सप्ताहों से नहीं हो पा रही हैं। इसकी वजह यह है कि महामारी के कारण सांसद दिल्ली नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन बैठेकें हो सकती हैं, लेकिन इसमें संसदीय नियम बाधक बन रहे हैं। उनमें संशोधन किए गए बगैर वर्चुअल मीटिंग नहीं हो सकती।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसदीय समितियों की बैठकें ऑनलाइन नहीं हो सकतीं, क्योंकि इनसे संबंधित नियमों में अभी संशोधन नहीं हुआ है। इसलिए कोरोना की दूसरी लहर के कारण इनकी बैठकें नहीं हो पा रही हैं। पिछले सप्ताह खड़गे ने राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू से अपील की थी कि वे ऑनलाइन बैठकों की अनुमति दें, क्योंकि कई अहम विषय विचार-विमर्श के लिए लंबित हैं।
नियमों में करना होगा संशोधन
शुक्रवार को राज्यसभा सचिवालय ने खड़गे को भेजे जवाब में कहा है कि वर्चुअल मीटिंगों के लिए संबंधित नियम में अगले संसद सत्र में संशोधन करना पड़ेगा। तभी ऑनलाइन बैठकें हो सकेंगी। पत्र में कहा गया है कि संसद सत्र में गोपनीयता के सवाल को हल करना होगा, इसके बाद ही नियमों में संशोधन किया जा सकेगा। इसके बाद संबंधित सदन की समितियों से उसका अनुमोदन होगा और फिर नियम समिति मामले पर विचार करेगी।