तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू राज्य में रेत माफियाओं और रेत की कमी को लेकर सत्तासीन वाईएसआर कांग्रेस के खिलाफ विजयवाड़ा में 12 घंटों के लिए उपवा पर बैठे हैं।
नायडू का यह उपवास सुबह आठ बजे शुरू हुआ और यह रात आठ बजे खत्म होगा। नायडू ने उपवास को लेकर कहा कि सभी पार्टियां रेत की कमी को लेकर अभियान चला रही है। वहीं, सत्तासीन पार्टी विपक्ष को गालियां देने में व्यस्त हैं।
नायडू ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियां रेत की कमी के खिलाफ लड़ रही हैं। वहीं, सत्ता में बैठी पार्टी रेत की मांग कर रहे विपक्षी नेताओं को गाली दे रही है। हम भी गाली दे सकते या भला-बुरा कह सकते हैं, लेकिन हम गरिमा बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें गाली देना बंद करो और उस समय का उपयोग रेत प्रदान करने के लिए करो।
इससे पहले, जन सेना पार्टी की अध्यक्ष और अभिनेता पवन कल्याण ने बुधवार को अपने घर पर टीडीपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और इस उपवास का समर्थन किया। नायडू ने टीडीपी के सभी वरिष्ठ नेताओं, जन प्रतिनिधियों और कैडर को अपने उपवास में भाग लेने का आदेश दिया था। पुलिस द्वारा इंदिरा गांधी स्टेडियम में उपवास की अनुमति देने से इनकार करने के बाद, धरना चौक को कार्यक्रम स्थल के रूप में चुना गया था।
बालू वितरण प्रबंधन में अक्षमता के लिए नायडू ने राज्य में जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया। पिछले कुछ महीनों में नायडू की पार्टी ने सरकार की रेत नीति के खिलाफ राज्य भर में कई रैलियों और विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया है।