आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने राज्य के वित्त पर श्वेत पत्र जारी किया है, वहीं इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में श्वेत पत्र जारी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर जमकर निशाना साधा था।
आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने राज्य के वित्त पर श्वेत पत्र जारी किया है, इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में श्वेत पत्र जारी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर जमकर निशाना साधा था।
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पांच साल में राज्य पर बढ़ा दोगुना कर्ज
आंध्र प्रदेश में नवगठित एनडीए सरकार ने राज्य वित्त पर श्वेत पत्र जारी किया है। इस पर राज्य सरकार का कहना है कि 31 मार्च 2019 तक राज्य के खजाने पर तीन लाख 75 हजार 295 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि 12 जून 2024 तक राज्य के खजाने पर नौ लाख 74 हजार 556 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है।
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राज्य में क्यों घटी प्रति व्यक्ति आय?
वहीं चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार श्वेत पत्र में बताया है कि राज्य के बंटवारे के बाद उसके हिस्से 58% आबादी आई जो पूर्ण राज्य का 46% राजस्व देती थी। इस कारण आंध्र प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तेलंगाना से कम हो गई है।
गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री पर बरसे थे नायडू
वहीं इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधा और उनकी तुलना कोलंबिया के अमीर ड्रग माफिया रहे पाब्लो एस्कोबार से की थी। दरअसल मुख्यमंत्री नायडू पिछले वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति और मादक पदार्थों की समस्या को लेकर रेड्डी की आलोचना कर रहे थे।
कल कानून-व्यवस्था को लेकर बरसे थे मुख्यमंत्री
राज्य में कानून-व्यवस्था और मादक पदार्थों के प्रसार पर एक श्वेत पत्र जारी करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया कि उन्होंने ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी, जो वाईएसआरसीपी प्रमुख रेड्डी के पिछले पांच वर्षों के शासन के दौरान दिखी। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पाब्लेो एस्कोबार को नार्को आतंकवादी करार देते हुए आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश में भी इसी तरह की स्थिति वाईएसआरसीपी के शासन के दौरान पैदा हुई थी, जब गांजा कथित तौर पर मुफ्त में उपलब्ध था।