लोकसभा में आज तेलगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों ने केंद्र सरकार पर आंध्र प्रदेश के सात पिछड़े जिलों को विकास पैकेज की धनराशि रोकने का आरोप लगाया और इसे तत्काल जारी करने की मांग की। शून्यकाल के दौरान इस विषय को उठाते हुए राममोहन नायडू ने कहा कि आंध्रप्रदेश के सात जिलों के लिये विकास पैकेज के रूप में जो राशि देने का वादा किया गया था, उसे रोका गया है।
उन्होंने कहा कि आंध्रप्रदेश के इस क्षेत्र के लिये बुंदेलखंड और ओडिशा की तर्ज पर धनराशि देने का वादा किया गया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नायडू ने कहा कि प्रदेश के सात जिलों के लिये 50 करोड़ रूपये प्रति जिले के हिसाब से राशि दी जानी थी, लेकिन अलोकतांत्रिक तरीके से 350 करोड़ रूपये वापस ले लिये गए । उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर रोका गया है। तेदेपा सदस्य ने कहा कि 350 करोड़ रूपये की यह राशि तत्काल राज्य को जारी की जाए ।
तेदेपा सदस्य अपनी मांग के समर्थन में पोस्टर लेकर आए थे जिस पर आंध्र प्रदेश के सात जिलों का विकास फंड रोके जाने का जिक्र किया गया था । सदस्यों के इस प्रकार से पोस्टर दिखाने पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार से पोस्टर दिखाना ठीक नहीं है।
तेदेपा सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन से वाकआउट किया । इससे पहले, तेदेपा सदस्यों ने आसन के समीप आकर भी इस विषय को उठाया। आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले तेदेपा सदस्यों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना प्रदर्शन भी किया।