आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को तडेपल्ली गांव के उप तहसीलदार ने नोटिस भेजकर घर खाली करने के लिए कहा है। यह कदम एहतियातन उठाया गया है क्योंकि बाढ़ के मद्देनजर उनके घर में पानी घुसने की आशंका है।
तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष का यह घर अमरावती में कृष्णा नदी के किनारे बना हुआ है। आंध्र सरकार ने शनिवार सुबह नायडू को क्षेत्र में बाढ़ के मद्देनजर नोटिस देकर किराए का घर खाली करने के लिए कहा है। वह कृष्णा रीवरसाइड मकान में किराए पर रहते हैं।
नायडू को नोटिस देते हुए तडेपल्ली गांव के उप तहसीलदार ने कहा कि मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए घर को तुरंत खाली करना पड़ेगा। शुक्रवार को बाढ़ का पानी चंद्रबाबू नायडू के घर के बगल में बने केले के बगीचे में घुस गया और इसने पड़ोस के घरों को डुबो दिया।
टीडीपी का आरोप है कि इस नोटिस के जरिए चंद्रबाबू नायडू को उनके घर से बाहर निकाला जा रहा है। अधिकारियों ने इससे पहले उन्हें नोटिस जारी करते हुए घर खाली करने के लिए कहा था क्योंकि उन्होंने भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन किया है।
नोटिस में कहा गया है कि उनका घर 19 मीटर पर बनाया गया है जबकि वहां 22.6 मीटर पर बनाया जाना चाहिए था। इस कारण उसपर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा यह नदी संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण, हरित अधिकरण कानूनों और कैपिटल रीजन मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघनों करता है।