आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले ही टीडीपी को झटका लगा है। विशाखापत्तनम दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से दो बार के मौजूदा टीडीपी विधायक वासुपल्ली गणेश कुमार रविवार को सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस में शामिल हो गए।
गौरतलब है कि विधायक वासुपल्ली गणेश कुमार के दल बदलने से एक दिन पहले ही विजयवाड़ा में वाईएसआरसीपी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी रोड शो के दौरान पथराव में घायल हो गए थे। अपनी नई राजनीतिक भूमिका निभाने के बाद रविवार को गणेश कुमार ने पार्टी प्रमुख और पूर्व सीएम एन चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधते हुए उन्हें गद्दार बताया।
गणेश कुमार ने कहा, टीडीपी सुप्रीमो के लिए चुनावी घोषणापत्र का कोई महत्व नहीं है। अगर चंद्रबाबू नायडू चुने गए तो उन्हें घोषणापत्र की कोई परवाह नहीं होगी। मैं स्वयं को इसका सर्वोत्तम उदाहरण मान सकता हूं।
घोषणापत्र में सीएम ने किये थे वादे
टीडीपी शासन के दौरान, उन्होंने एक बार घोषणापत्र में वादा किया था कि मछुआरों को पिछड़े वर्गों की सूची से एसटी समुदाय में जोड़ा जाएगा। उन्होंने मछुआरा समुदाय के 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पेंशन देने का भी वादा किया।
वासुपल्ली गणेश कुमार ने आगे कहा, 'हालांकि, विशाखापत्तनम की यात्रा पर, जब मछुआरा समुदाय के सभी दल के नेता, जिनमें मैं भी शामिल था, उनसे संपर्क किया और उनसे अपने वादों को पूरा करने का आग्रह किया, तो उन्होंने मुझ पर चिल्लाते हुए चेतावनी दी कि अगर मैंने दोबारा इस विषय को उनके सामने उठाया तो वह मेरी खाल उधेड़ देंगे। इसके बाद मैंने टीडीपी छोड़ने का फैसला किया, क्योंकि वह गद्दार निकले।'
क्या है राजनीतिक बैकग्राउंड
बता दें कि गणेश कुमार 2014 और 2019 के चुनाव में टीडीपी के टिकट पर विशाखापत्तनम दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। हालांकि, वह इस साल जन सेना के उम्मीदवार वामसी कृष्णा के खिलाफ वाईएसआरसीपी के टिकट पर सीट से चुनाव लड़ेंगे।