आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को अमरावती का दौरा किया। उन्होंने ग्रीनफील्ड राजधानी शहर परियोजना का जायजा लिया, जिसका उन्होंने समर्थन किया था।
अमरावती राजधानी शहर परियोजना वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार में पांच वर्षों (2019 से 2024) से लटकी हुई थी। हालांकि, सरकार बदलने के साथ ही नायडू ने राजधानी शहर परियोजना में नई जान फूंक दी है।
यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री नायडू चौथे कार्यकाल के लिए पद संभालने के बाद अमरावती का दौरा किया। उन्होंने कई निर्माण परियोजनाओं जैसे का निरीक्षण किया। नायडू ने अधिकारियों, विधायकों, न्यायाधीशों के लिए आवासीय घर और उच्च न्यायालय, सचिवालय और अन्य निर्माण स्थलों का भी निरीक्षण किया।
'अमरावती पर श्वेत पत्र जारी करेंगे'
मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, मैं स्थिति का जायजा लेने गया था कि क्या करना है। हम सभी विवरणों के साथ अमरावती पर एक श्वेत पत्र जारी करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ नगरपालिका मंत्री पी नारायण और वरिष्ठ भी मौजूद थे।
'....सड़क का बुनियादी ढांचा अब तक तैयार हो गया होता'
नायडू ने आगे कहा कि अगर अमरावती शहर परियोजना योजना के मुताबिक आगे बढ़ती तो सड़क का बुनियादी ढांचा अब तक तैयार हो गया होता। उन्होंने कहा कि अमरावती में सभी स्त्रोतों से करीब 55 हजार एकड़ भूमि उपलब्ध है। नायडू ने ग्रीनफील्ड राजधानी शहर के लिए अपनी जमीने देने के लिए किसानों क धन्यवाद दिया।
'अयोग्य व्यक्ति ने पांच साल तक राज्य का नेतृत्व किया'
नायडू ने कहा, आज मैंने अमरावती क्षेत्र का निरीक्षण किया। अमरावती राजधानी क्षेत्र में 1300 से ज्यादा दिनों से किसान अमरावती को राजधानी शहर बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। तेलुगू देशम पार्टी के सत्ता में आने के बाद उन्हें लगा कि हम न्याय करेंगे और उन्होंने आंदोलन बंद किया। अमरावती राज्य की राजधानी है। पिछली सरकार में अमरावती ने अमरावती की उपेक्षा की और इसे इसके भरोसे पर छोड़ दिया था। एक अयोग्य व्यक्ति ने पिछले पांच वर्षों तक राज्य का नेतृत्व किया।