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केरल: 23 साल से बिस्तर पर पड़े हारिस को मिला एनजीओ का सहारा, व्हाट्सएप के जरिए बेच रहे अपने छाते

Sun, 13 Jun 2021 09:41 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड

सार

केरल के रहने वाले एक शख्स दुर्घटना का शिकार होने के बाद छाता बेचने लगे लेकिन कोरोना काल में वो काम भी ठप हो गया। अब एक एनजीओ की मदद से हारिस छाता बेच रहे हैं। दुर्घटना की वजह से वो पिछले 23 साल से बिस्तर पर हैं।
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कोरोना काल में छाता बेचने पर शख्स हो रही परेशानी - फोटो : ANI
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विस्तार
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कोरोना काल में कई लोग बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करते नजर आए। ऐसा ही एक मामला केरल के कोझिकोड से आया है, जहां एक शख्स पिछले 23 साल से बिस्तर पर लेटा है। 23 साल पहले पेरम्बरा के रहने वाले हारिस एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे, जिसके बाद से वो कभी चल नहीं पाए।

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अपनी जीविका को देखते हुए हारिस ने छाता बनाने का काम शुरू किया लेकिन कोरोना महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण भी वो काम ठीक तरह से नहीं चल रहा था। जिसे देखते हुए एक एनजीओ सामने आया और हारिस की मदद करने लगा। व्हाट्सऐप के जरिए एनजीओ हारिस के बनाए हुए छाते बेच रहा है।



हारिस का कहना है कि 23 साल पहले मेरे साथ एक दुर्घटना घटी थी, उसके बाद मैंने छाता बनाना सीखा। पिछले 10 साल से मैं छाता बना रहा हूं और उसे बेच रहा हूं। हालांकि कोरोना काल के दौरान छातों की बिक्री पर रोक लग गई थी लेकिन अब इसे व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए बेचा जा रहा है। हारिस का कहना है कि न्यू लाइफ चैरिटेबल ट्रस्ट ने मेरी बहुत मदद की है। हारिस ने कहा कि यही एकमात्र मेरी आय का स्रोत है।

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