पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके साथियों पर एक्शन जारी है। पुलिस की कई टीमें इसे पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रहीं हैं। सोमवार को उसके समर्थकों पर एनएसए लगाया गया। वहीं, रविवार को उसके 34 साथी गिरफ्तार कर लिए गए।
अब तक उसके 112 समर्थक दबोचे जा चुके हैं। कई नजरबंद कर दिए गए हैं। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पूरे पंजाब में सुरक्षाबल फ्लैग मार्च कर रहे हैं। दूसरी ओर पंजाब सरकार ने शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के सांसद सिमरनजीत सिंह मान समेत 75 यूजर्स के ट्विटर हैंडल सस्पेंड कर दिए गए।
महितपुर से अमृतपाल सिंह के छह साथी हिरासत में लिए।
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शनिवार से शुरू हुआ अभियान
अजनाला पुलिस थाने पर हमले के मामले में शनिवार को पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पूरे राज्य में अभियान शुरू किया। पहले खबर आई कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। देर शाम पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि अमृतपाल समेत कई अब भी फरार हैं। शनिवार दोपहर करीब एक बजे जैसे ही अमृतपाल का काफिला जालंधर के महितपुर गांव पहुंचा, पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर दी। इस बीच अमृतपाल गाड़ी में बैठकर भाग निकला।
पंजाब से लगती सीमाओं पर पुलिस सतर्क।
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गिरफ्तारी अभियान से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?
1. अब तक 114 गिरफ्तारियां, एनएसए की कार्रवाई
सोमवार को पंजाब पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि अब तक 114 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी गिरफ्तारी शांति और सद्भाव को भंग करने का प्रयास करने के आरोप में हुई है। उनमें से 78 को पहले दिन गिरफ्तार किया गया, 34 को दूसरे दिन और दो अन्य को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 10 हथियार भी बरामद किए गए हैं।
चार लोगों को हिरासत में लेने के बाद असम के डिब्रूगढ़ भेज दिया गया। इसमें अमृतपाल सिंह का चाचा हरजीत सिंह भी शामिल है। डिब्रूगढ़ भेजे जा रहे आरोपियों के खिलाफ एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाया गया है। आईजीपी पंजाब, सुखचैन सिंह गिल के मुताबिक, 'वारिस पंजाब दे' के इन लोगों के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अमृतपाल सिंह।
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2. अमृतपाल गिरफ्त से बाहर, फाइनेंसर और गनर्स पकड़े गए
पुलिस ने कहा है कि वह अमृतपाल सिंह की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने अमृतपाल को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। उधर, अजनाला थाने पर हमले के आरोपी एवं खालिस्तान समर्थक अमृतपाल पर रविवार को तीन और एफआईआर दर्ज कर दी गई हैं। जालंधर के सलेमा गांव में मिली उसकी काले रंग की ईसुजू गाड़ी में अवैध हथियार मिले हैं। इसके साथ ही पुलिस ने अमृतपाल के फाइनेंसर दलजीत सिंह कलसी और उसके गनरों को गिरफ्तार कर लिया है।
Mobile user
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3. 21 मार्च तक बढ़ा इंटरनेट बैन
माहौल बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर पंजाब में सोमवार दोपहर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी। अब इस प्रतिबंध को मंगलवार दोपहर 12 बजे तक बढ़ा दिया गया है। पंजाब सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि जनता के हित में पंजाब के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, सभी एसएमएस सेवाएं (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और वॉयस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली सभी डोंगल सेवाएं 21 मार्च दोपहर 12 बजे तक निलंबित की गई हैं। सरकार का दावा है कि ऐसा आंदोलनकारियों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोकने के लिए किया गया है।
सिमरनजीत सिंह मान
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4. सांसद समेत कई यूजर्स के ट्विटर अकाउंट सस्पेंड
संगरूर के सांसद सिमरनजीत सिंह मान समेत 75 यूजर्स के ट्विटर हैंडल सस्पेंड कर दिए हैं। सिमरनजीत मान ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई की निंदा की थी। पिछले दो दिनों में पंजाब के कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
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5. हाईकोर्ट में याचिका दायर
वहीं, अमृतपाल को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए वारिस पंजाब दे के सदस्य हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। रविवार को दाखिल याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता इमरान सिंह का आरोप है केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार के साथ मिलकर जालंधर से अमृतपाल को अवैध हिरासत में रखा गया है, जिसका अभी तक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
मुक्तसर में धारा 144 लागू होने उपरांत शहर में तैनात पुलिस दल।
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6. कई जिलों में धारा 144 लागू
अमृतसर, फाजिल्का, मोगा और मुक्तसर समेत कई जिलों में धारा 144 लागू करने के साथ ही भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से लगती पंजाब की सीमा को सील कर दिया गया है। अमृतपाल के गांव जल्लूपुर खेड़ा में तनाव की स्थिति है। बीते 36 घंटों से पूरे गांव पर कड़ा पहरा है। बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। जल्लूपुर खेड़ा के रास्तों पर जगह-जगह नाके लगा दिए गए हैं। गांव में हर आने जाने वाले पर सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रख रही हैं।
पंजाब
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7. पंजाब सरकार के संपर्क में गृह मंत्रालय
पंजाब में कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए पुलिस की मदद के लिए अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, गृह मंत्रालय लगातार पंजाब सरकार के संपर्क में है। बता दें, मार्च के शुरुआत से पंजाब सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर अमृतपाल की गिरफ्तारी की योजना बना रही थी। इसी कड़ी में दो मार्च को राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और उनके साथ राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की। अजनाला कांड के बाद यह मुलाकात काफी अहम थी।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान अजनाला कांड पर भी चर्चा हुई थी। करीब 40 मिनट की इस मुलाकात के दौरान इस दौरान फैसला लिया गया कि सुरक्षा संबंधी सभी मुद्दों से निपटने के लिए केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।