फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Umesh Kolhe Murder: सात आरोपी एनआईए कोर्ट में पेश, अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Fri, 22 Jul 2022 04:36 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती

सार

उदयपुर के कन्हैयालाल की तर्ज पर 21 जून को अमरावती में 54 साल के उमेश कोल्हे की भी गला काटकर हत्या कर दी गई थी। वजह थी नुपुर शर्मा के समर्थन में उसकी तरफ से किया गया पोस्ट।
विज्ञापन
अमरावती हत्याकांड का मुख्य आरोपी इमरान (बाएं) और मृतक उमेश कोल्हे। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमरावती केमिस्ट हत्याकांड में सात आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एनआईए ने आज केमिस्ट उमेश कोल्हे हत्याकांड के 7 आरोपियों को अमरावती में विशेष एनआईए अदालत में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन्होंने नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने से नाराज होकर उमेश की हत्या कर दी थी। 

विज्ञापन


21 जून को अमरावती में हुई थी हत्या 
उदयपुर के कन्हैयालाल की तर्ज पर 21 जून को अमरावती में 54 साल के उमेश कोल्हे की भी गला काटकर हत्या कर दी गई थी। वजह थी नुपुर शर्मा के समर्थन में उसकी तरफ से किया गया पोस्ट। उमेश के बेटे संकेत कोहले की तरफ से दर्ज शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने जांच के आधार पर मामले में दो लोगों मुदस्सिर अहमद (22) और शाहरुख पठान (25) को 23 जून को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ के बाद सामने आया था कि उमेश की हत्या में चार और लोग शामिल थे। बाकी आरोपियों अब्दुल तौफिक (24), शोएब खान (22), आतिब रशीद (22) और शमीम फिरोज अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।

घटना 21 जून को रात 10 से 10.30 बजे के बीच हुई, जब उमेश कोल्हे अपना मेडिकल स्टोर बंद कर के जा रहे थे। बेटा संकेत दूसरे स्कूटर पर उनके साथ ही था। महिला कॉलेज न्यू हाई स्कूल के गेट के पास अचानक दो मोटरसाइकिल सवारों ने उमेश को रोक दिया। इसके बाद एक हमलावर ने उनके गले के बाईं तरफ चाकू से वार कर दिया। इससे उमेश खून से लथपथ होकर सड़क पर ही गिर गए। बेटे संकेत का कहना था कि इस घटना के बाद उसने मदद की आवाज लगाई लेकिन हमलावर फरार हो चुके थे। आसपास के कुछ लोगों की मदद से उमेश को पास के ही एक्सॉन अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां  इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।  
विज्ञापन


पुलिस को जांच के दौरान पता चला था कि कोल्हे ने कुछ दिन पहले ही व्हाट्सएप से नुपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट वायरल कर दिया था। गलती से उनका ये मैसेज उस ग्रुप में भी चला गया, जिसमें उसके कई मुस्लिम भी जुड़े थे। हत्याकांड से जुड़े एक आरोपी ने कहा कि कोल्हे ने पैगंबर के प्रति असम्मान दिखाने वाले का समर्थन किया, इसलिए उसे मरना ही था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें