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Tamil Nadu: अमोनिया के रिसाव के बाद 50 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती; भोपाल त्रासदी की डरावनी यादें हुईं ताजा

Wed, 27 Dec 2023 11:21 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एन्नौर

सार

गैस लीक होने की वजह से आस-पास इसकी काफी तेज गंध महसूस की गई। इसकी वजह से लोगों को बेचैनी महसूस होने लगी, जिसके बाद  50 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
 
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एन्नौर में अमोनिया गैस लीक के बाद जुटे लोग - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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तमिलनाडु के एन्नोर में  उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लोगों को एक तेज गंध महसूस होना शुरू हुआ। बाद में पता चला कि गैस लीक हुई है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड के एक उप-समुद्री पाइप में अमोनिया गैस के रिसाव का पता चला। इसकी जानकारी मिलते ही इसे रोका गया है। 

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गैस लीक होने की वजह से आस-पास इसकी काफी तेज गंध महसूस की गई। इसकी वजह से लोगों को बेचैनी महसूस होने लगी, जिसके बाद  50 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में, अवाडी के संयुक्त आयुक्त विजयकुमार ने बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल हालात स्थिर हैं। एन्नोर में अब कोई गैस लीक नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि लोग वापस घर आ गए हैं। मौके पर चिकित्सा और पुलिस की टीमें मौजूद हैं।

यूनिट ने रात 12.45 बजे दी सूचना
तमिलनाडु पर्यावरण और वन विभाग की एक अधिकारी ने बताया की पाइपलाइन के प्री-कूलिंग ऑपरेशन के दौरान अमोनिया गैस लीक होने की जानकारी यूनिट ने रात 12.45 बजे दी। वन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुप्रिया साहू ने कहा कि जानकारी मिलते ही तुरंत चेन्नई के संयुक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता जेसीईई (एम) जिला पर्यावरण अभियंता डीईई (अंबत्तूर) और एईई (मनाली) के साथ देर रात सवा दो बजे घटनास्थल पर पहुंचे। बाद में यूनिट तथा पाइपलाइन स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान औद्योगिक संचालन की सुरक्षा के लिए प्राधिकरण औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशालय (डीआईएसएच) के संयुक्त निदेशक भी साइट पर मौजूद रहे। 
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साहू ने बताया कि यूनिट ने रात पौने 12 बजे पाइपलाइन में बदलाव देखा और गंध महसूस की। यूनिट ने तुरंत सड़क के पार पाइपलाइन स्थान का दौरा किया और पाइपलाइन से गैस के बुलबुले निकलते हुए देखा। इसके बाद तुरंत टीम ने अभियान शुरू कर गैस का रिसाव बंद किया। इन सब में करीब 20 मिनट का समय लगा। 

पुलिस और जिला प्रशासन ने यूनिट के साथ मिलकर किसी भी आपात स्थिति के प्रबंधन के लिए एंबुलेंस और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था की। कुछ लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत दी, जिसके बाद उनका इलाज किया गया। 

भोपाल त्रासदी की डरावनी यादें
दूसरी ओर, अमोनिया गैस के लीक की खबर मिलते ही एक बार फिर भोपाल त्रासदी की डरावनी यादें ताजा हो गईं। गौरतलब है, भारत के मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में तीन दिसम्बर सन् 1984 को एक भयानक औद्योगिक दुर्घटना हुई थी। इसे भोपाल गैस कांड या भोपाल गैस त्रासदी के नाम से जाना जाता है। भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से एक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था, जिससे लगभग 15000 से अधिक लोगों की जान चली गई।

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