भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने स्वीकार किया कि उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में सपा और बसपा की चुनावी रणनीति के कारण हार हुई है। उन्होंने कहा कि एक चुनावी रणनीति के तहत दोनों साथ आ गए जिसकी वजह से बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए शाह ने कहा कि हमने हार के कारणों के विश्लेषण के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इसकी रिपोर्ट आने पर, हम उन बिंदुओं पर काम करेंगे।
टीवी चैनल से बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि हमे इसलिए हार का सामना करना पड़ा क्योंकि आखिरी वक्त में दोनों (सपा और बसपा) एक साथ आ गए। लेकिन 2019 में यह रणनीति काम नहीं करने वाली है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जाता है। लेकिन आम चुनाव में बड़े मुद्दे वरिष्ठ नेताओं को ध्यान में रखा जाता है। आगामी लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सरल नहीं है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 2 सीटें जीत जाने पर कांग्रेस सदन में मिठाई बांट रही है लेकिन उपचुनाव में हमने आठ सीटें खोई हैं इस पर चर्चा नहीं हो रही है। कोई यह नहीं ध्यान दे रहा कि हमने विभिन्न पार्टियों से 11 राज्य छीने हैं। दो हफ्ते पहले त्रिपुरा में बड़ी जीत दर्ज की है।
NDA में आई दरार को लेकर भी
अमित शाह ने खुलकर बात की। टीडीपी के गठबंधन से अलग होने और शिवसेना की राह अलग होने पर उन्होंने कहा कि साल 2014 में एनडीए 11 पार्टियों के साथ सत्ता में आई थी। एक पार्टी के बाहर हो जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।