केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक पर चर्चा की। इस चर्चा के दौरान वे कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी पर लगातार निशाना साधते रहे।
एक ने हिंदुस्तान के बजट पर और दूसरा जम्मू-कश्मीर के बजट पर। सुबह सूरज उगता है तो उससे पहले थोड़ा अंधेरा रहता है। सूरज उगने से पहले मुर्गे बांग देने लगते हैं। उन्हें लगता है कि उनके बांग देने से ही सूरज निकलता है और दुनिया में रोशनी आती है।
अमित शाह के 'मुर्गी-अंडा-मुर्गी' बयान पर लगे ठहाके
अधीर के इतना कहते ही गृह मंत्री शाह ने भी सभापति से बोलने की अनुमति मांगी। जब सभापति ने शाह को अनुमति दी तो उन्होंने कहा कि जब किसी मंत्री का भाषण समाप्त होता है तो मुद्दे उससे संबंधित होने चाहिए। अधीर मेरे भाषण में से किसी बिंदु पर बोलना चाहें तो बोलें। मंत्री के भाषण के बाद 'मुर्गी-अंडा-मुर्गी' नहीं आता है।अधीर पर शाह के इस पलटवार से लोकसभा में जमकर ठहाके लगने लगे।