राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह महागठबंधन दलों का नहीं दिलों का है। मोदी सरकार से देश के संविधान और सांविधानिक संस्थाओं को बचाने के लिए हमारी लड़ाई है। बिहार में डबल इंजन काम कर रहा है। ये डबल इंजन है, पहला अपराध का और दूसरा भ्रष्टाचार का।
वहीं, लोजद नेता शरद यादव ने कहा कि हमें कुशवाहा का इंतजार था और अंतिम फैसला हो गया है। देश आज जिस दौर से गुजर रहा है, उसके खिलाफ पूरे देश में एकता का अभियान चला हुआ है।
हाल के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद लोजपा के कड़े तेवरों के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बिहार में एनडीए के कुनबे को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। लोजपा के सीट बंटवारे पर अल्टीमेटम के दूसरे दिन ही दिन शाह ने रामविलास पासवान और चिराग पासवान से अपने आवास पर मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में पिता-पुत्र की नाराजगी को दूर करने की कोशिश की गई।
इससे पहले बिहार भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव ने चिराग से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में चिराग ने पार्टी को बिहार में सात सीटें देने की मांग की। साथ ही समय-समय पर एनडीए की बैठक बुलाने, एकजुट होकर चुनावी रणनीति तय करने की बात कही। यादव ने उनकी सभी आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद यादव चिराग और रामविलास को अपनी गाड़ी से लेकर शाह के घर पहुंचे।
बिहार में एनडीए से हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और रालोसपा पहले ही बाहर हो चुकी हैं। ऐसे में लोजपा के अलग होने का खतरा भाजपा नहीं उठाना चाहती है। शाह किसी भी कीमत पर राज्य में जदयू-लोजपा-भाजपा गठबंधन को बरकरार रखना चाहते हैं।