भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी के पास जनता का जबरदस्त समर्थन होने का दावा करते हुए कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव भारत के वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए अहम होंगे। गुजरात में मंगलवार को ‘मेरा परिवार, भाजपा परिवार’ अभियान शुरू करने के बाद शाह ने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्हें पीएम पद के लिए अपना नेता बताने को कहा। शाह ने कहा कि महागठबंधन केवल राज्य स्तर के नेताओं से बना है और इससे भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि महागठबंधन के सदस्य प्रधानमंत्री पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा करे। आपका नेता कौन है? इस देश को कौन चलाएगा? हम इस बात को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं कि मोदी एनडीए के उम्मीदवार होंगे। वह ही हमारा नेतृत्व करेंगे। भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पीएम मोदी जरूरतमंदों की सेवा जारी रखने में सक्षम बनाने के लिए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना जरूरी है। मैं देशभर घूमा हूं और देख सकता हूं कि लोग चट्टान की तरह मोदी के साथ खड़े हैं।
मैंने लोगों की आंखों में मोदी के लिए प्रेम देखा है। कई कार्यकर्ता मुझसे महागठबंधन के बारे में पूछते हैं। मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि लोकसभा चुनाव में इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर देवगौड़ा गुजरात में भाषण देते हैं या ममता बनर्जी महाराष्ट्र में भाषण देते हैं या अखिलेश यादव केरल में तो क्या होगा। इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि वे केवल अपने राज्य के ही नेता हैं। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पार्टी क संभावनाओं पर शाह ने भरोसा जताया कि भाजपा को कम से कम 74 सीटें मिलेंगी।
पांच करोड़ घरों पर भाजपा का झंडा फहराने की योजना
इससे पहले, अमित शाह ने गुजरात में अपने आवास पर पार्टी का झंडा फहराकर ‘मेरा परिवार, भाजपा परिवार’ अभियान की शुरुआत की। इसके तहत भाजपा की योजना पांच करोड़ घरों में भाजपा का झंडा फहराने और 20 करोड़ मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की योजना है। यह अभियान 2 मार्च तक चलेगा। शाह ने कहा, ‘भाजपा का झंडा विकास, विश्वास और राष्ट्रीयता का प्रतीक है और दर्शाता है कि मोदी युग में कैसे तुष्टीकरण, जातिवाद और परिवारवाद खत्म हो रहा है।’
कांग्रेस में पीएम सीट जन्म से आरक्षित
गोधरा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद जन्म से ही आरक्षित होता है। शाह ने कहा कि भाई (राहुल) ने शादी नहीं की तो अब बहन (प्रियंका) को पार्टी में लाया गया। कांग्रेस का कार्यकर्ता पीएम पद के बारे में कभी सोच भी नहीं सकता। वहीं, भाजपा में एक बूथ कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष पद तक पहुंच सकता है और एक चायवाला प्रधानमंत्री। शाह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता को पीएम पद हासिल करने के लिए किसी विशेष परिवार में पैदा होना जरूरी नहीं है।