मणिपुर में हालात अब भी चिंताजनक हैं। विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे और अब विपक्ष ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि गृह मंत्री अमित शाह को नाकामी की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
मणिपुर में शांति बहाल करने में नाकामी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी ने कहा है कि राज्य में हालात इतने खराब हैं कि राज्यपाल को महज कुछ मीटर की दूरी तय करने के लिए सेना का हेलीकॉप्टर लेना पड़ा। कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मणिपुर में हालात संभालने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
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क्या है नया घटनाक्रम?
सोमवार को मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला दिल्ली से इंफाल पहुंचे। एयरपोर्ट से राजभवन तक पहुंचने के लिए उन्हें केवल 300 मीटर दूर स्थित कांगला फोर्ट जाना था, लेकिन सड़क पर विरोध-प्रदर्शन के चलते उन्होंने सेना के हेलीकॉप्टर से सफर किया। राज्यपाल का सेना के हेलीकॉप्टर से यात्रा करना इस बात को दर्शाता है कि मणिपुर की राजधानी इंफाल तक में हालात सामान्य नहीं हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही मणिपुर की गंभीर स्थिति को नजरअंदाज कर रही हैं। उन्हें लगता है कि राज्य के सम्मान, पहचान और सुरक्षा से जुड़ी उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
क्यों हुआ प्रदर्शन?
इंफाल के तिड्डिम रोड पर क्वाकैथेल इलाके में लोगों ने प्रदर्शन किया। वे राजभवन की ओर मार्च करना चाहते थे। उनकी मांग थी कि एक सरकारी बस पर मणिपुर राज्य का नाम छिपाया गया था, जो पत्रकारों को लेकर जा रही थी- यह राज्य के सम्मान के खिलाफ है। पुलिस ने इन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद छात्र संगठनों और महिलाओं के समूहों ने मिलकर इंफाल एयरपोर्ट से लेकर केसामपट तक करीब 6 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई। यह स्थान राजभवन से महज 200 मीटर दूर है। इसके चलते तिड्डिम रोड पर भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए।
कांग्रेस ने क्या लगाए आरोप?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर कहा, 'मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का कोई असर नहीं दिख रहा है। हालात जस के तस बने हुए हैं। राज्यपाल को 300 मीटर की दूरी तय करने के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लेना पड़ा।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला और कहा, 'प्रधानमंत्री देशभर में फिल्मी डायलॉग दे रहे हैं और ऑपरेशन सिंदूर पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन मणिपुर को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं।' जयराम रमेश ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में शांति बहाल करने में बुरी तरह असफल रहे हैं और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
2023 से मणिपुर में संकट
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा चल रही है। अब तक इस संघर्ष में 220 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। राज्य में सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के बावजूद हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही।