कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अनुच्छेद 370 के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार किया है। राहुल ने मंगलवार को कहा, अमित शाह को इतिहास की जानकारी नहीं है। उन्हें इतिहास को दोबारा लिखने की आदत है। राहुल ने भाजपा पर नेहरू की कुर्बानी की अनदेखी का आरोप लगाया है। संसद भवन से निकलते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि पंडित नेहरू ने भारत के लिए अपनी जान दे दी।
वर्षों जेल में रहे नेहरू
राहुल ने कहा, नेहरू सालों जेल में रहे, लेकिन शायद अमित शाह इतिहास से अनभिज्ञ हैं और वह उनसे यह उम्मीद भी नहीं करते हैं कि वह इतिहास को जानते होंगे, उन्हें इतिहास को फिर से लिखने की आदत है। यह पूरी कवायद जाति गणना और इस देश की हिस्सेदारी से लोगों का ध्यान भटकाने की है। उन्होंने कहा, देश का धन किसके हाथों में जा रहा है। यह वह मसले हैं, जिन्हें यह उठाना नहीं चाहते, लेकिन कांग्रेस इसे उठाएगी और जनता तक लेकर जाएगी।
नेहरू 370 के लिए जिम्मेदार नहीं : फारूक
नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू अनुच्छेद 370 के लिए जिम्मेदार नहीं थे। उन्होंने इसको समाप्त करने के केंद्र के फैसले को सही ठहराने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निराशा जताई है। दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कश्मीर समस्या के लिए नेहरू को जिम्मेदार ठहराया था। शाह ने इस समस्या के लिए समय से पहले युद्ध विराम की घोषणा और मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने की गलती की ओर इशारा किया था।
गृह मंत्री शाह के आरोपों का जवाब देते हुए फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया कर्मियों से कहा, मुझे नहीं पता कि वे (अमित शाह) नेहरू के खिलाफ जहर क्यों उगल रहे हैं। नेहरू इसके लिए जिम्मेदार नहीं थे। उन्होंने कहा, जब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया गया था, तब सरदार पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे। इसको लेकर जब कैबिनेट की बैठक हुई थी, उस वक्त नेहरू अमेरिका में थे। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपने महत्वपूर्ण आदेश में सर्वसम्मति से मोदी सरकार के उस फैसले पर मुहर लगा दी, जिसमें 2019 में उसने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा दिया था।