केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के चिंतन शिविर की अध्यक्षता की। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 को लागू करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने पर मंथन किया गया। इससे पहले 'चिंतन शिविर' में शाह ने गृह मंत्रालय के कामकाज की भी समीक्षा की। शाह ने वरिष्ठ अधिकारियों से आर्टिफिशिलय इंटेलीजेंस का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने को कहा ताकि महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए शहर को सुरक्षित बनाया जा सके।
सूत्रों ने बताया कि 'चिंतन शिविर' में चर्चा दो सत्रों में हुई। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रेस सेंटर में सुबह करीब 10 बजे 'चिंतन शिविर' शुरू हुआ। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 'चिंतन शिविर' का उद्देश्य मंत्रालय के काम की समीक्षा करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विजन 2047' को लागू करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करना है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, गृहमंत्री शाह ने 'चिंतन शिविर' में शहरों को महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए अपराधों के महत्वपूर्ण विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के इस्तेमाल को बढ़ाने की वकालत की। उन्होंने कहा, क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) का उद्देश्य ई-गवर्नेंस के सिद्धांत को अपनाकर पुलिसिंग की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक व्यापक और एकीकृत प्रणाली बनाना है।
उन्होंने साइबर अपराध प्रबंधन, पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, आपराधिक न्याय प्रणाली में आईटी के बढ़ते उपयोग, भूमि सीमा प्रबंधन और तटीय सुरक्षा मुद्दों आदि के लिए पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का समर्थन किया।
गृह मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि भविष्य में रिक्तियों की आशंका को देखते हुए इसे पहले से शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए ताकि कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिल सके।
उन्होंने सुझाव दिया कि गृह मंत्रालय के अधिकारियों को विकास योजनाओं की निगरानी के लिए क्षेत्र का दौरा करना चाहिए, सीमावर्ती क्षेत्रों में बाड़ और सड़कों के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश देना चाहिए। बयान में कहा गया है कि गृह मंत्री ने मंत्रालय के लिए आगे की राह पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की और भरोसा जताया कि 'चिंतन शिविर' में आयोजित चर्चा से इन क्षेत्रों में बेहतर योजना और समन्वय में मदद मिलेगी।
उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बनाने जैसे विभिन्न कल्याणकारी उपाय करने पर भी जोर दिया। शाह ने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया और कहा कि गृह मंत्रालय की सभी शाखाओं द्वारा नियमित प्रशिक्षण आयोजित किया जाना चाहिए।
उन्होंने संवेदनशीलता के महत्व और सभी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत संपर्क विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे सामूहिक रूप से पूरे समर्पण के साथ कार्य करें। बयान में कहा गया है कि शाह ने गृह मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की और सुरक्षित भारत बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पीएम ने सभी क्षेत्रों के मुद्दों को सुलझाने पर दिया है जोर
प्रधानमंत्री ने विभिन्न अवसरों पर अपने 'विजन 2047' संदेश में, सभी क्षेत्रों में मुद्दों से निपटने के लिए सरकारी नीतियों और नौकरशाही प्रक्रियाएं तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रधानमंत्री के विजन का लक्ष्य अमृत काल में जनकल्याण और आत्मनिर्भर भारत बनाना है। गृह मंत्रालय का चिंतन शिविर पीएम के स्वप्नों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कई कदमों में से एक है।
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