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India EU Trade Deal: टैरिफ दबाव के बीच भारत और EU ट्रेड डील पर बन गई सहमति! जानें कब होगा समझौता?

Thu, 15 Jan 2026 09:06 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच लंबे समय से अटका हुआ व्यापार समझौता अंतिम मुकाम तक पहुंचने वाला है। यूरोपीय यूनियन के कई शीर्ष नेता इस महीने भारत आ रहे हैं। माना जा रहा है दोनों पक्ष इस समझौते पर मुहर लगा देंगे। 
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भारत-ईयू एफटीए - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच लंबे समय से अटके व्यापार समझौते पर भी निर्णायक प्रगति के संकेत मिल रहे हैं। दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप के करीब पहुंच गए है। इसी कड़ी में जनवरी के अंत में यूरोपीय यूनियन के कई शीर्ष नेता भारत का दौरा करेंगे। ये नेता 77 वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। जिससे भारत-यूरोपीय यूनियन संबंधों में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत दौरे पर
प्रधानमंत्री मोदी के आमंत्रण पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी के बीच भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान दोनों शीर्ष नेता 27 जनवरी को होने वाले 16 वें भारत यूरोपीय यूनियन शिखर सम्मेलन की संयुक्त रूप से अध्यक्षता करेंगे, जहां द्विपक्षीय सहयोग और प्रस्तावित व्यापार समझौते पर अहम चर्चा होने की उम्मीद है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संकेत दिया कि भारत इस महीने के अंत तक यूरोपीय यूनियन के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के बेहद करीब है। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। आने वाले दिनों में इस पर अंतिम सहमति बनने की उम्मीद है। हाल ही में इस बात के संकेत जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिच मैर्त्स ने भी दिए थे कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर जनवरी के अंत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं।
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हाल ही में केंद्रीय वाणिज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रसेल्स में व्यापार तथा आर्थिक सुरक्षा के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त के साथ दो दिवसीय बैठक की थीं। इसमें दोनों नेताओं ने वार्ता की गति की भी समीक्षा की थी। जबकि वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने छह-सात जनवरी को ब्रसेल्स में यूरोपीय आयोग की व्यापार महानिदेशक सबाइन वेयंड से भी मुलाकात की थी। भारत अपने श्रम प्रधान क्षेत्रों जैसे कपड़ा और चमड़ा के लिए शून्य शुल्क की मांग कर रहा है। वहीं, यूरोपीय संघ मोटर वाहन, चिकित्सकीय उपकरण, शराब, स्पिरिट, मांस और मुर्गी पालन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण शुल्क कटौती के साथ साथ मजबूत बौद्धिक संपदा व्यवस्था की मांग कर रहा है।
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दरअसल,भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत वर्षों तक ठप रहने के बाद 2022 में फिर से गति पकड़ गई। इसके पीछे एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा भारत समेत कई देशों पर उच्च टैरिफ लगाने का कदम भी माना जाता है, जिसने भारत को विविध व्यापार साझेदारों के साथ रिश्ते मजबूत करने की ओर प्रेरित किया और यूरोपीय यूनियन के साथ वार्ताओं को नई दिशा दी।

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