अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सैन्य हिरासत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो
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अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले के बाद यूएन से लेकर कई दोशों ने ट्रंप की आलोचना की। इस सैन्य ऑपरेशन के बाद वनेजुएला के राष्ट्रपति और उनक पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया। लेकिन ट्रंप के इस कदम का कुछ लोग समर्थन भी कर रहे हैं। वेनेजुएला-अमेरिकी पत्रकार से जब एएनआई ने इस मुद्दे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा मादुरो एक तानाशाह नेता थे। अमरिका द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी से बहुत लोग वेनेजुएला के बहुत से लोग खुश है। मादुरो के शासन काल में कई लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। आईए जानते है पत्रकार ने और क्या कहा…..
पत्रकार ने कहा मादुरो एक क्रूर तानाशाह थे
एएनआई के साथ बातचीत में अमेरिकी पत्रकान ने कहा हम छब्बीस वर्षों से एक क्रूर तानाशाही के शासन में जी रहे थे। अंतरराष्ट्रीय मंचो को इसकी कोई परवाह नहीं की। निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करके अमेरिका ले जाते देख वेनेजुएला के लोग बहुत खुश थे। एक अमेरिकी होने के नाते, उन्होंने कहा कि यह एक शानदार ऑपरेशन था। हम आठ अरब अप्रवासी जिन्हें भागना पड़ा, अभी भी वापस नहीं लौट पाए हैं। एक बार जब ट्रंप प्रशासन यह काम पूरा कर लेगा, तो पश्चिमी गोलार्ध में फिर से सुरक्षा हो जाएगी। रूस, चीन और ईरान को वेनेजुएला से बाहर निकाल दिया जाएगा। और उम्मीद है कि क्यूबा के लोग भी आखिरकार कास्त्रो वामपंथ से आजाद हो जाएंगे, जिसने लगभग अस्सी साल पहले पश्चिमी गोलार्ध पर कब्जा किया था
अमरिका वेनेजुएला विवाद
अमेरिका ने 3 जनवरी को दक्षिण अमेरिका में वेनेजुएला पर हमला बोला। बताया गया है कि यह हमले राजधानी काराकास में किए गए। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी बलों ने कैद कर लिया है और उन्हें देश से बाहर भेज दिया गया है।
मादुरों के हटने को सही क्यों कहा जा रहा
मादुरो पर अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी के गंभीर आरोप थे। उनकी नीतियों ने वेनेजुएला के लाखों लोगों को पलायन के लिए मजबूर किया, जिससे अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर आप्रवासन का संकट पैदा हो गया। उन्होंने चीन, रूस और ईरान जैसे अमेरिका के दुश्मनों को अमेरिका के पड़ोस में पैठ जमाने का अवसर दिया। अब, जब मादुरो सत्ता से बाहर हैं, तो इसका लाभ न केवल अमेरिका को, बल्कि वेनेजुएला सहित पूरे लैटिन अमेरिका और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था को मिलने की संभावना है। मादुरो का हटना वेनेजुएला की जनता के लिए बेहतर शासन, सुदृढ़ अर्थव्यवस्था और एक आशावान भविष्य की संभावना खोलता है। यह सही है कि काराकस में भावी सत्ता को लेकर अब भी कई सवाल अनुत्तरित हैं, पर यह कल्पना करना कठिन है कि आने वाले नेता मादुरो से अधिक खराब होंगे।