एक बार फिर पाकिस्तान के उस दावे की पोल खुल गई है कि वह आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दे रहा और हमने आतंकवाद पर काफी हद तक नकेल कसी है। अमेरिका ने एक दिन पहले अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे पाकिस्तान की अपनी यात्रा पर पुनर्विचार करें। वहां आतंकी हमलों का अंदेशा है। बलूचिस्तान, केपीके प्रांत, पीओके और भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास वाले इलाकों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रखा गया है।
पुलवामा हमला और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की ओर से लगातार यह कहा जा रहा था कि वह आतंकी संगठनों पर कार्रवाई कर रहा है। हालांकि यूएन की सुरक्षा परिषद में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव को पाकिस्तान ने चीन की मदद से गिरा दिया था।
इसके बाद भारत ने कई मौकों पर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह आतंकवाद पर लगाम लगाए तो वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान का रट रटाया जवाब आ जाता है। हम आतंकवाद को लेकर चिंतित हैं। भारत में हो रहे आतंकी हमलों में पाकिस्तान का हाथ नहीं है। यह अलग बात है कि इससे पहले भी भारत कई बार पाकिस्तान को आतंकी हमलों के पुख्ता सबूत दे चुका है।
अब अमेरिका ने अपने नागरिकों को आतंकवाद के कारण पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह दे दी है। अमेरिकी प्रशासन की एडवायजरी में कहा गया है कि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में यात्रा न करें।आतंकवादी हमलों के कारण ये इलाके सबसे खतरनाक क्षेत्रों के रूप में पहचाने जाते हैं।
संभावित हमलों की जताई आशंका
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने इस बाबत एयरमेन (एनओटीएएम) और विशेष फेडरल एविएशन रेगुलेशन को एक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि आतंकवादी समूह पाकिस्तान में संभावित हमलों की साजिश रच रहे हैं। आतंकवादी बिना किसी चेतावनी के नागरिक ठिकानों पर हमला कर सकते हैं।
परिवहन के साधनों, बाजार, शॉपिंग मॉल, सैन्य प्रतिष्ठान, हवाई अड्डे, विश्वविद्यालय, पर्यटन स्थल, स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थान आतंकियों की हिट लिस्ट में हैं। इसके अलावा आतंकवादियों ने अतीत में अमेरिकी राजनयिकों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया था। ऐसी जानकारी मिल रही है कि आतंकवादी अब दोबारा से वैसा ही हमला करने की फिराक में हैं।