1980 में लॉस एंजिलिस में तीन महिलाओं की हत्या के आरोप में सैमुअल पहले ही उम्रकैद की तीन सजाएं काट रहा है, लेकिन अधिकारियों को शक है कि उसने कम से कम 14 राज्यों में हत्याएं की हैं। सैमुअल ने भी कुबूल किया कि उसने कई राज्यों में हत्याएं की हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सैमुअल हर साल हत्याएं करता रहा लेकिन किसी को भी यह पता तक नहीं चला कि इन हत्याओं का एक ही पैटर्न है। उसने बताया कि वे ज्यादातर उन महिलाओं को शिकार बनाता था जो गरीब या नशे की आदी होती थीं। इन महिलाओं का बैक ग्राउंड ऐसा होता था कि परिजन उनके लापता होने की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करा पाते थे।
सैमुअल लिटिल से पूछताछ करने वाले अधिकारी बताते हैं कि वो ज्यादातर हत्याएं यौन मामलों से प्रेरित होकर करता था, लेकिन वो खुद दुष्कर्मी नहीं मानता है। यदि कोई उसे दुष्कर्मी कहे तो उसे बर्दाश्त नहीं होता था। फ्लोरिडा के जांचकर्ता बताते हैं कि वह महिलाओं को तड़पा-तड़पाकर मारता था।
गला घोटकर हत्या करने से पहले वह महिलाओं को बुरी तरह से पीटता था। महिलाओं को ऑटोप्सी रिपोर्ट में पता चला है कि बॉक्सर रह चुका होने के कारण वह महिलाओं को इतनी जोर से पंच मारता था कि उनकी रीढ़ की हड्डी टूट जाती। सैमुअल को आज भी याद है कि उसने शवों को कहां पर ठिकाने लगाया है।
टेक्सास स्थित इक्टर कंट्री के डिस्ट्रिक्ट अटार्नी बॉबी ब्लैंड ने कहा, समय के साथ हम सब मामलों में सबूत खोज लेंगे। हमें उम्मीद है कि उसके बाद सैमुअल लिटिल को अमेरिकी इतिहास के सबसे खतरनाक, दुर्दांत सीरियल किलरों में से एक घोषित किया जाएगा।’ उससे पूछताछ करने वाले जांचकर्ताओं ने बताया कि सैमुअल को हत्याओं पर न तो कोई पछतावा है और न उसके चेहरे पर अफसोस दिखाई देता है।
इस तरह पकड़ में आया शातिर हत्यारा
डीएनए से जुड़े सबूतों की वजह से सैमुआल लिटिल कानून के फंदे में आया। 2012 में जासूस मार्सिया और उनके पार्टनर मिट्जी रॉबर्ट्स ने लॉस एंजिलिस की दो महिलाओं की हत्या के मामले में डीएनए सबूत इकट्ठे किए, जो लिटिल के डीएनए से मैच हुए। इसके बाद, दोनों ने उसे केंटुकी स्थित बेघरों के एक शेल्टर होम से उसे पकड़ा।
कई सालों से एकत्रित डीएनए सबूतों ने लिटिल के कई महिलाओं की हत्याओं से तार जोड़े गए। इसके बाद जेम्स हॉलैंड नामक एक रेंजर ने जेल में सैमुअल से मिलकर उसका भरोसा जीता और उसने अपने गुनाहों को कबूल किया।