चीन के साथ चल रहे डोकलाम विवाद के बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों में चीन को घेरा था। इसके साथ ही उन्होंने एशिया की सबसे प्राचीन भारतीय पद्धति 'तर्कशास्त्र' का जिक्र करते हुए कहा था कि किसी भी मुद्दे के हल के लिए बातचीत ही एकमात्र तरीका है। उन्होंने आगे कहा था कि 'तर्कशास्त्र एक पुरानी भारतीय अवधारणा है जिसमें संवाद और बहस पर विचारों के आदान-प्रदान के मॉडल को अपनाया गया है। जिसमें किसी भी मुद्दे को बातचीत के जरिए हल किया जाता था।'
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या डोकलाम विवाद का हल बातचीत से संभव है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 9,934 वोट मिले। इनमें 65.76 फीसदी (6533 वोट) पाठकों ने हां में जवाब देते हुए डोकलाम पर पीएम मोदी के बयान पर सहमति जताई है, जबकि 28.12 फीसदी (2793 वोट) पाठकों ने माना कि डोकलाम विवाद का हल बातचीत से संभव नहीं है। वहीं 6.12 फीसदी (608 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।