मंगलवार को चीनी सैनिकों की ओर से लद्दाख इलाके की भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की थी। हालांकि चीनी सैनिकों की लद्दाख की मशहूर पानगोंग झील के किनारे भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश, को भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया था। भारतीय सैनिकों द्वारा सीमा पर घुसने से रोके जाने के बाद चीनी सैनिकों ने पथराव किया, जिसका भारतीय सौनिकों ने उसी की भाषा में जवाब दिया और सीमा से बाहर खदेड़ दिया। दोनों ओर से की गई पत्थरबाजी में सैनिकों को मामूली चोटें आई थी।
मामले में मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हू चुन्नींग ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएलए सैनिक अक्सर वास्तविक सीमा रेखा पर पेट्रोलिंग करते हैं। उन्होंने कहा कि चीन हमेशा से भारत और चीन सीमा पर शांति चाहता है। हमारा भारत से आग्रह है कि वास्तविक सीमा रेखा पर नियमों का पालन करते हैं। उल्लेखनीय है कि चीनी सेना ने एक ओर डोकलाम में भारतीय सैनिकों के साथ गतिरोध पैदा कर रखा है। और दूसरी तरफ लद्दाख इलाके की भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करते हुए सुरक्षाबलों के साथ पथराव किया।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'बॉर्डर पर चीन की हरकतें क्या इस बात का संकेत है कि वो भारत के साथ शांति का पक्षधर नहीं है?' पोल के जवाब में हमें कुल 11,622 वोट मिले। इनमें 83.19 फीसदी (9668 वोट) पाठकों ने हां में जवाब देते हुए माना कि बॉर्डर पर चीन की हरकतें इस बात का संकेत है कि वो भारत के साथ शांति का पक्षधर नहीं है, जबकि 13.26 फीसदी (1541 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताई है। वहीं 3.55 फीसदी (413 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।