आतंकियों को सह देने वाला पाकिस्तान अब हक्कानी नेटवर्क, हाफिज सईद और लश्कर-ए-ताइबा को बोझ बताने लगा है। बुधवार को पाक विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान में कहा था कि मैं स्वीकार करता हूं कि वे लोग हमारे ऊपर बोझ हैं, लेकिन हमें इनसे छुटकारा पाने में कुछ समय लगेगा। हमारे पास इस बोझ से निपटने के लिए संसाधन नहीं है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा था कि यह कहना बहुत आसान है कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क, हाफिज सईद और लश्कर-ए-ताइबा (एलइटी) को चलाता है। हालांकि मैं स्वीकार करता हूं कि वे लोग हमारे उपर बोझ हैं, लेकिन हमें इनसे छुटकारा पाने में कुछ समय लगेगा। हमारे पास इस बोझ से निपटने के लिए संसाधन नहीं है।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'यूएन के बाद पाकिस्तानी मंत्री ख्वाजा आसिफ का कबूलनामा अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में भारत का पक्ष मजबूत करेगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,797 वोट मिले। इनमें 86.1 फीसदी (4130 वोट) पाठकों ने माना कि पाकिस्तानी मंत्री ख्वाजा आसिफ का कबूलनामा अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में भारत का पक्ष मजबूत करेगा, जबकि 10.42 फीसदी (500 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि आसिफ के कबूलनामे के बाद भी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में भारत का पक्ष मजबूत नहीं होगा। वहीं 3.48 फीसदी (167 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।