भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से अमरनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे 326 श्रद्धालुओं को शुक्रवार को हेलीकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया। ये सभी यात्री पंजतरणी में फंसे हुए थे। उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने के लिए एयरफोर्स के तीन एमआई-17 हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई। इन हेलीकॉप्टरों ने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए कई उड़ानें भरीं। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एन. एन. वोहरा ने भी बालटाल, पंजतरणी और नुनवान में यात्रा शिविरों का दौरा किया और यात्रियों के लिए किए गए वहां के इंतजामों का जायजा लिया।
वहीं, पहलगाम के रास्ते अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो गई है। भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण इस रास्ते यात्रा को बंद कर दिया गया था। हालांकि, बालटाल के रास्ते यात्रा अभी भी रूकी गुई है। यहां दोनों मार्गों पर बुधवार से ही यात्रा बंद है। इसके अलावा भूस्खलन की वजह से श्रीनगर-लेह हाईवे भी बंद है। उधर, गांदेरबल से एक दुखद खबर आई है। यहां श्रद्धालुओं से भरा एक वाहन अचानक पलट गया। इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं। उन्हें श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उधर, कैलाश मानसरोवर की यात्रा में भी गए लोगों का वहीं हाल है। नेपाल के सिमीकोट में करीब 1200 तीर्थयात्री फंसे हुए थे, जिन्हें सुरक्षित वहां से निकालकर नेपालगंज और सुरखेत पहुंचाया गया। यहां से सभी श्रद्धालु अब अपने-अपने घरों के लिए रवाना होंगे।
वहीं, हिल्सा में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास किया जा रहा है। भारतीय दूतावास के मुताबिक, यात्रियों को निकालने के लिए 74 कमर्शियल और निजी हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है।