पवित्र अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार को बादल फटने की घटना सामने आई। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा से बात कर स्थिति का जायजा लिया। बचाव और राहत कार्य जारी है। प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मनोज सिन्हा से बात की। शाह ने ट्वीट किया कि बाबा अमरनाथ की गुफा के पास बादल फटने से आई फ्लैश फ्लड के संबंध में मैंने एलजी मनोज सिन्हा से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। NDRF, CRPF, BSF और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में लगे हैं। लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना करता हूं।
इस बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह यूटी प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें हर संभव राहत और सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत कार्रवाई में जुट गई हैं।
हताहतों की संख्या पर अलग-अलग दावे
1. जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का बयान: जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, बादल फटने के बाद पानी बढ़ने से मौके पर हजारों श्रद्धालु फंस गए हैं। अमरनाथ गुफा के निचले इलाकों में बादल फटने से अब तक 3 महिलाओं और 2 पुरुषों सहित 5 लोगों के मृत्यु की खबर है। हालांकि, यह आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है।
2. ITBP का बयान: ITBP के पीआरओ विवेक कुमार ने बताया कि काफी देर से बारिश हो रही थी तभी गुफा के ऊपरी हिस्से से पानी आने लगा और धीरे-धीरे पानी आना तेज होने लगा। हमने तुरंत ही सभी एजेंसी को अलर्ट किया। इस बार हम पहले से अलर्ट थे। वहां श्रद्धालुओं के टेंट लगे थे और सुरक्षा बलों के भी टेंट लगे हुए थे। सभी को अलर्ट किया गया। काफी लोगों को वहां से निकाला गया जिससे कई लोगों को बचाया भी गया है। हमने अभी स्थिति को देखते हुए यात्रा रोकने का निर्णय लिया गया है।
3. एनडीआरएफ का दावा: एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने बताया कहि हमारी 1 टीम गुफा के पास तैनात रहती है, वो टीम तत्काल बचाव कार्य में जुट गई थी। 2 टीम पास में है जिसमें से 1 वहां पहुंच कर काम पर लग गई है,1 टीम शामिल होने वाली है।वहां मौजूद हमारे लोगों के मुताबिक 10 लोगों के मौत की खबर है और 3 को वहां से जीवित निकाला गया है।