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Amar Ujala Samvad: नितिन गडकरी का टर्नओवर 2500 करोड़, इतनी कंपनियों के मालिक; 'संवाद' में खुद किया खुलासा

Wed, 04 Sep 2024 02:26 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गडकरी ने कहा कि वायु प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर की बड़ी समस्या है। इस पर तेजी से काम हो रहा है। इसमें पराली का निपटान कई तरीकों से हो रहा है। इससे सीएनजी के साथ इथेनॉल और बिटुमिन भी बनाया जा रहा है। इससे इस बार पराली जलाने की घटनाएं कम होंगी।
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नितिन गडकरी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में होटल क्लेरिजस में आयोजित अमर उजाला संवाद-हरियाणा में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने खुद से जुड़ी कई रोचक जानकारियां साझा की। उन्होंने अपनी पसंदीदा फिल्म से लेकर अपनी कमाई तक पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनका टर्नओवर 2500 करोड़ है। उन्होंने यह बताया कि वह यूट्यूब से होने वाली कमाई को डोनेट कर देते हैं।
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दरअसल, जब गडकरी से कहा गया कि आप किसान भी हैं, बिजनेसमैन भी हैं। इस पर उन्होंने कहा कि मैं बिजनेसमैन नहीं हूं। दिल्ली में सेवा जैसे काम जैसे होते नहीं हैं। यहां पर कोई भी कुछ भी करता है तो उसे बिजनेसमैन कह दिया जाता है। मैं सोशल आंत्रप्रेन्योर हूं। मेरा टर्नओवर ढाई हजार करोड़ का है। मैंने 1500 लोगों को रोजगार दिया है। मेरी फार्मर प्रोड्यूस कंपनी है। कॉपरेटिव्स हैं, डिपार्टमेंटल स्टोर्स हैं, चार चीनी मिल हैं, छह लाख लीटर एथेनॉल बनाता हूं। 380 मेगावॉट बिजली बनाता हूं। ये सब किसानों के बीच काम करता हूं। मेरा खुद का रिसर्च है। मैं 1800 एकल विद्यालय चलाता हूं। मैं कई सारे काम करता हूं। बात यह है कि बिजनेसमैन और सोशल आंत्रप्रेन्योर में फर्क होता है।

जब उनसे पूछा गया कि आप यूट्यूब से भी लाखों कमाते हैं? तो उन्होंने कहा कि यूट्यूब के जरिए होने वाली कमाई पर गडकरी ने कहा कि मेरे साक्षात्कार मेरे यूट्यूब चैनल पर भी चलते हैं। उसे करोड़ों लोग देखते हैं। मैं सबसे कहता हूं कि और देखो, क्योंकि इसका मुझे पैसा मिलता है। मुझे कभी ढाई लाख तो कभी साढ़ तीन लाख रुपये मिलते हैं। हालांकि, मैं पैसे डोनेट कर देता हूं।
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पराली के निपटान पर कही यह बात
नितिन गडकरी ने कहा कि पराली के निपटान के लिए इस बार कई तरह के विकल्पों पर काम किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में कई हाईवे का निर्माण हो जाने से दिसंबर में ट्रैफिक जाम की समस्या भी दूर होगी। ई-वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। इस बार की सर्दी में इसका असर प्रदूषण की कमी के तौर पर देखने को मिलेगा।

वायु प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर की बड़ी समस्या
गडकरी ने कहा कि वायु प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर की बड़ी समस्या है। इस पर तेजी से काम हो रहा है। इसमें पराली का निपटान कई तरीकों से हो रहा है। इससे सीएनजी के साथ इथेनॉल और बिटुमिन भी बनाया जा रहा है। इससे इस बार पराली जलाने की घटनाएं कम होंगी। दिल्ली-एनसीआर की आवाजाही बेहतर करने के लिए द्वारका एक्सप्रेस वे, अर्बन एक्सटेंशन रोड-1 व 2 के साथ दिल्ली एयरपोर्ट को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ा जा रहा है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। दूसरी तरफ दिल्ली- एनसीआर में इस वक्त ई-वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। आज इस इलाके का हर चौथा-पांचवां वाहन इलेक्ट्रिक है। गडकरी ने माना कि इन सबका मिला-जुला असर प्रदूषण में कमी के तौर पर आएगा।

रोड सेफ्टी में नहीं मिली कामयाबी; नहीं बदला मानव व्यवहार
नितिन गडकरी ने बताया कि उन्होंने रोड इंजीनियरिंग में बड़ा बदलाव किया है। पयूल इंजीनियरिंग भी बेहतर हुई है, लेकिन अभी तक इसमें कामयाबी नहीं मिली है। 40,000 हजार करोड़ रुपये खर्च करके हाइवे के ब्लैक स्पॉट दूर किए गए हैं, लेकिन जब तक मानव व्यवहार नहीं बदलेगा, यह संभव नहीं हो सकेगा। 

नएच पर गड्डा मिलता है तो हमारे एप पर भेजें
विदेशों का उदाहरण देते हुए गडकरी कहा कि अपने देश में न कानून का डर डर है, है, न न ही ही सम्मान। ऐसे में रोड सेफ्टी कैसे संभव होगी। इसके लिए सभी को कानून की इज्जत करनी पड़ेगी। सरकार इससे जुड़े अलग- अलग कानूनों को सख्त भी कर रही है हाइवे में गड्ढे होने की बात स्वीकार करते हुए नितिन गडकरी ने यताया कि विटुमिन रोड बारिश में उखड़ जाते हैं। हमने इसका उपाय ढूंढा है। अब हम कंक्रीट रोड बना रहे हैं। हमने गड्डों को लेकर भी काम किया है। इससे 15 दिन में निजात मिलेगी। अगर एनएच पर गड्डा मिलता है तो हमारे एप पर भेजें। हम उसे सुधारेंगे।

गडकरी ने दिया अपनी कार का उदाहरण
केंद्रीय मंत्री ने अपनी कार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी कार यूरो-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा कर रही है। इसमें ईधन के तौर पर एथेनॉल का इस्तेमाल होता है। इसकी कीमत पेट्रोल से आधी बैठती है। वहीं इससे तनिक भी प्रदूषण नहीं होता है।

गाजीपुर लैंडफिल के कचरे का हो रहा इस्तेमाल
गडकरी ने बताया कि गाजीपुर लैंडफिल साइट के कचरे का इस्तेमाल हाइवे निर्माण में हो रहा है। केंद्र सरकार ने करीब 80 लाख टन कचरा यहां से हटाया है। इससे रोड बनाई गई है। आगे इसका विस्तार होगा।

राजनीति से दूरी बनाने की सलाह
गडकरी ने कहा कि जो सरकार से सत्संग करेगा, उसका सत्यानाश होगा। उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी रही हो, उन्होंने अपने कामों के लिए इससे दूरी बनाए रखी है। आज तक एक भी सरकारी योजना का फागदा नाहीं उठाया है। सरकार से दूर रहने में ही कल्याण है। उन्होंने कहा कि राजनीति गांव, गरीव, मजदूर, किसान की भलाई के लिए होनी चाहिए। लोगों का जीवन कैसे बेहतर हो, सतत विकास का फायदा उस तक पहुंचे, इसकी चिंता करना ही असल राजनीति है।
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