प्राकृतिक आपदाएं या दैवीय आपदाएं कभी-कभी बेहद खराब हालात पैदा कर देती हैं। इनसे निपटना भी काफी चुनौती पूर्ण होता है। उदाहरण के तौर पर केदारनाथ और केरल में आई आपदा के परिणाम से सभी परिचित हैं। इसके अलावा बाढ़, भूकंप, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन आदि की घटनाएं तबाही लेकर आती हैं। इनसे निपटना इसलिए भी मुश्किल होता है क्योंकि इनके आने के बारे में कोई पुख्ता भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। फिर इनसे निपटने में सरकार क्या और कैसे सहायता ले सकती है, यह सवाल बड़ा महत्वपूर्ण है। वहीं क्राउड फंडिंग उचित मुद्दे पर आर्थिक सहायता जुटाने के लिए बीते समय में काफी बेहतर विकल्प के रूप में निकल कर आया है।
इसी मुद्दे को लेकर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल कराया था कि 'क्या प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकारों को क्राउड फंडिंग की सहायता लेनी चाहिए?' पोल में 71.21 प्रतिशत लोगों का मानना है कि सरकार को क्राउड फंडिंग का प्रयोग करना चाहिए वहीं, 28.79 प्रतिशत लोग मानते हैं कि सरकार को इस माध्यम का प्रयोग नहीं करना चाहिए।